Ghaziabad News : गाजियाबाद के मुरादनगर में स्थित गंग नहर, जिसे स्थानीय लोग “छोटा हरिद्वार” के नाम से भी जानते हैं, एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है। यह नहर हरिद्वार से सीधे जल लेकर आती है, जिसके कारण इसकी पवित्रता और महत्व को लेकर लोगों में गहरी आस्था है। हर साल, खासकर सावन के पवित्र महीने में, लाखों की संख्या में कांवरिया और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां आकर गंग नहर में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इस स्थान का धार्मिक महत्व इतना है कि इसे छोटा हरिद्वार कहकर पुकारा जाता है, क्योंकि यह हरिद्वार की तर्ज पर एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में उभर चुका है। सावन के महीने में छोटा हरिद्वार घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। इस दौरान न केवल स्थानीय लोग, बल्कि दूर-दराज से आए कावड़िए भी यहां गंगा जल लेने और स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। इस भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए जाते हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग
न्यूज इंडिया के संवाददाता ऋषभ भारद्वाज ने हाल ही में छोटा हरिद्वार घाट का दौरा किया और वहां के हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घाट पर मौजूद पीएसी जवान सोनू से खास बातचीत की, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सोनू ने बताया कि घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही, लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से बार-बार अनाउंसमेंट करके बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करने की हिदायत दी जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि कोई भी श्रद्धालु खतरे वाले क्षेत्र में न जाए, लेकिन फिर भी कुछ लोग तेज बहाव वाले बीच नहर में जाने की कोशिश करते हैं।” सोनू ने यह भी बताया कि उनकी टीम रोजाना तीन से चार लोगों की जान बचा रही है। नहर के किनारे एक विशेष पीएसी टीम तैनात रहती है, जो न केवल भीड़ को नियंत्रित करती है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करती है।
भीड़ को संभालने के खास इंतजाम
सावन के महीने की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की योजना बनाई है। पीएसी जवानों की संख्या में वृद्धि की जाएगी, ताकि बढ़ती भीड़ को संभाला जा सके और किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा।
ऋषभ भारद्वाज संवाददाता गाजियाबाद

