flood in delhi : दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं. बुधवार शाम तक पानी का स्तर 207.33 मीटर तक पहुंच गया, जो 2013 के रिकॉर्ड को पार कर चुका है. बढ़ते पानी का असर अब राहत शिविरों तक पहुंच गया है. यमुना बाजार इलाके में लगाए गए राहत शिविरों में पानी भर गया है. जिन लोगों को पहले यहां सुरक्षित लाया गया था, उन्हें अब दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
केंद्रीय जल आयोग ने जारी की चेतावनी
केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने नई एडवाइजरी जारी कर कहा है कि बुधवार रात 8 बजे तक जलस्तर 207.40 मीटर तक पहुंच सकता है. यह खतरे के निशान से ऊपर है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि वजीराबाद और ओखला बैराज से छोड़े गए पानी की मात्रा के आधार पर जलस्तर में और बदलाव संभव है.
दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ता यमुना का जलस्तर
- 2023 – 208.66 मीटर
- 1978 – 207.49 मीटर
- 2025 – 207.33 मीटर (शाम 6 बजे तक)
- 2013 – 207.32 मीटर
बारिश ने बढ़ाई परेशानी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आउटर रिंग रोड पर मजनूं का टीला से सलीमगढ़ बायपास तक यातायात प्रभावित होने की जानकारी दी है. कई जगह ट्रैफिक डायवर्जन लगाए गए हैं. पुलिस ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है. पिछले 24 घंटे में ऊपरी राज्यों में भारी बारिश दर्ज की गई है. इससे यमुना में पानी का प्रवाह तेजी से बढ़ा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
सरकार भी कर रही तैयारी
दिल्ली सरकार ने कहा है कि नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है. बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को आईटीओ बैराज का दौरा किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में 2023 जैसी स्थिति नहीं होगी. यमुना के बीच घर बनाए गए हैं,कई बार लोगों से हटने को कहा गया है, लेकिन वे नहीं मानते. अब प्रभावित परिवारों को रेस्क्यू करके स्कूलों में बनाए गए कैंपों में शिफ्ट किया जा रहा है.

