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पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए राहत या चिंता? जानें सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश

Supreme Court Action: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि BS-IV और BS-VI मानक वाली गाड़ियों को इस नियम से राहत मिलेगी और उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, BS-III और उससे पुराने इंजन वाली गाड़ियों के लिए अब दिल्ली में सख्त कदम उठाने की इजाजत दी गई है।

क्या है नया आदेश

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की याचिका पर यह आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सिर्फ वही वाहन जो BS-IV या BS-VI हैं, अगर उनकी उम्र 15 साल से अधिक है, तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।

आकड़े आए सामने

CAQM ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि दिल्ली-एनसीआर में सड़क पर चलने वाले 2.88 करोड़ वाहनों में से लगभग 37% BS-III या उससे पुराने इंजन पर हैं। पुराने इंजन वाले वाहन नए वाहनों की तुलना में 2.5 से 31 गुना अधिक पार्टिकुलेट मैटर, 6.25 से 12 गुना अधिक नाइट्रोजन ऑक्साइड और 1.28 से 5.4 गुना अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड छोड़ते हैं।

पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बेहद जरुरी

दिल्ली सरकार ने कहा कि फिलहाल BS-VI से नीचे की गाड़ियां राजधानी में नहीं आ सकतीं और बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के ही फ्यूल उपलब्ध होगा। BS-IV डीजल वाहन दिल्ली में चल सकते हैं, लेकिन BS-III और उससे पुराने वाहन अब नियम के दायरे में आएंगे। इस फैसले से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है, जबकि पुरानी गाड़ियों के मालिकों को BS-IV और BS-VI वाहनों के लिए राहत मिली है।

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