Noida Police : नोएडा पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जिसमें सेक्टर-70 में एक फर्जी इंटरनेशनल पुलिस स्टेशन और इंटरपोल दफ्तर चलाने का मामला सामने आया। इस गैंग का मास्टरमाइंड कोलकाता में बैठकर पूरा ऑपरेशन चला रहा था, जहां उसने खुद को ‘इंटरपोल’ से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों से ठगी की। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का संबंध तृणमूल कांग्रेस (TMC) से रहा है।
कैसे चला नोएडा में फर्जी थाना
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नोएडा के सेक्टर-70 में एक बड़े ऑफिस को इंटरपोल के नाम पर सजाया था। यहां पुलिस स्टेशन जैसी बनावट, नकली यूनिफॉर्म, फर्जी बैज और विदेशों से जुड़े नकली दस्तावेज रखे गए थे, ताकि आने वाले लोग इसे असली समझें। यहां से आरोपी खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाला पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करता था।
कोलकाता में भी ‘इंटरपोल ऑफिस’
नोएडा के साथ-साथ आरोपी ने कोलकाता में भी एक ‘इंटरपोल’ कार्यालय खोल रखा था। इस ऑफिस में बैठकर वह अंतरराष्ट्रीय अपराध और मामलों को सुलझाने का दावा करता था। पुलिस जांच में पता चला कि यह सब सिर्फ दिखावा था और असल में यह गिरोह लोगों से पैसे लेकर मामलों को निपटाने का वादा करता था।
क्या टिएमसी(TMC) से था लिंक?
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की सोशल मीडिया प्रोफाइल और तस्वीरों में कुछ ऐसे प्रमाण मिले जिनसे उसके TMC नेताओं के साथ करीबी रिश्ते का अंदेशा हुआ। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पार्टी स्तर पर उसे कोई आधिकारिक समर्थन मिला था या नहीं। पुलिस इस संबंध की भी गहराई से जांच कर रही है।
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पुलिस की कार्रवाई
नोएडा पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है और फर्जी दस्तावेज, नकली मुहरें, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य सामान जब्त किया है। कोलकाता में भी स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ ठगी का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध भी हो सकता है। साइबर सेल और इंटेलिजेंस एजेंसियां भी अब इस केस में शामिल हो गई हैं, ताकि किसी बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

