Police lathi-charge workers at Manesar: गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर में श्रमिकों की हड़ताल के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। दंगे और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अब तक 56 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।
हड़ताल कर रहे श्रमिकों को हटाने के दौरान बिगड़े हालात
घटना की शुरुआत गुरुवार को हुई, जब विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिक हड़ताल पर थे। आईएमटी मानेसर इलाके में बुधवार से ही ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू थी, जिसके तहत पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के लिए कहा। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शनकारी उग्र हो गए, जिसके बाद पुलिस और उनके बीच झड़प हो गई। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक बाइक में आग लगा दी और पथराव करते हुए कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान आईएमटी मानेसर स्थित एक निजी कंपनी में भी तोड़फोड़ की गई।
इलाके में अब शांतिपूर्ण का माहौल
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाका शांतिपूर्ण बना हुआ है। पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी हैं। अब तक 56 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मालिकों और ठेकेदारों के साथ पुलिस ने की मीटिंग
हिंसा के बाद गुरुग्राम पुलिस की मानेसर डीसीपी प्रबीना प्रेमचंद्रन ने कंपनियों के मालिकों, प्रतिनिधियों और ठेकेदारों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक श्रमिक को सरकार द्वारा निर्धारित वेतन या मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। डीसीपी ने यह भी कहा कि कंपनियां अपने नोटिस बोर्ड पर सरकारी वेतन से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी श्रमिक का उत्पीड़न या शोषण न हो सके।

