Noida News : उत्तर प्रदेश में बन रहे एशिया के सबसे बड़े नोएडा एयरपोर्ट (Noida International Airport) को लेकर अपडेट सामने आया है। पिछले साल काम में आई अड़चन से यह चालू नहीं हो पाया था जो इस नवंबर से शुरू होने वाला है। इसकी घोषणा औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ (Gopal Gupta ‘Nandi) ने शनिवार को यमुना प्राधिकरण (Yamuna Authority) की बैठक में की है। इस परियोजना में यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें छत और आंतरिक काम अभी भी चल रहा है।
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा
नंद गोपाल नंदी ने यमुना एक्सप्रेस वे इंदु की समीक्षा बैठक के दौरान कहा “सपा और बसपा सरकारों के दौरान, जेवर हवाई अड्डे की परियोजना केवल चुनावों के आसपास ही सामने आती थी और फिर गायब हो जाती थी जैसे कि एक जिन्न बोतल में वापस आ जाता है। लेकिन पिछले आठ वर्षों में, काम वास्तव में फाइलों में धूल जमा करने से आगे बढ़ गया था। अब, हवाई अड्डे को इस साल नवंबर तक पूरी तरह से पूरा करने की तैयारी है। यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा।
क्या बोले नंद गोपाल नंदी
कई समय सीमाओं से चूकने के बाद इसकी डेडलाइन हर बार बदलती जा रही थी। अब मंत्री ने लास्ट डेडलाइन की घोषणा की है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि मूल रूप से पिछले साल सितंबर तक पूरा होने के लिए निर्धारित समय सीमा को इस साल अप्रैल में संशोधित किया गया था, फिर टर्मिनल भवन पर बचे हुए काम के कारण मई-जून तक बढ़ा दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मार्च में ने घरेलू उड़ानों के लिए 15 मई और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए 25 जून की समय सीमा तय की थी।
काम में आ सकती है बाधा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, रियायत कर्ता (Concessionaires) ने पिछले महीने एक समीक्षा बैठक के दौरान आखिरी समय-सीमा प्रस्तुत की थी। 15 सितंबर तक कार्गो और घरेलू परिचालन शुरू होने की उम्मीद है, और नवंबर में पहले ही अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू होंगी। लेकिन निर्माण जारी रहने के कारण, नवंबर की समय-सीमा को पूरा करना आसान नहीं लगता। हवाई अड्डे की परियोजना को अभी भी महत्वपूर्ण मंजूरी की आवश्यकता है, जिसमें नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) से सुरक्षा मंजूरी और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से हवाई अड्डा लाइसेंस शामिल है। इसके साथ ही अभी यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें छत और आंतरिक कार्य वर्तमान में चल रहा है।
10 लाख रुपये का जुर्माना ठोका
जानकारी के मुताबिक, अब तक हवाई अड्डे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला 750 मीटर का इंटरचेंज और आंतरिक मार्ग पूरा हो चुका है। जल और सीवेज उपचार संयंत्र, जो मार्च में 40 प्रतिशत तैयार थे, अब तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हवाई यातायात नियंत्रण भवन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा सीएनएस/एटीएम सिस्टम की स्थापना भी पूरी होने वाली है। काम में देरी होने की वजह से सरकार ने यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) पर प्रतिदिन 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

