Delhi Accident : दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित हुमायूं के मकबरे के परिसर में मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। शुरुआती जानकारी में बताया गया था कि मकबरे के एक गुंबद का हिस्सा गिरा है, लेकिन दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार वास्तव में गुंबद नहीं बल्कि परिसर में मौजूद मस्जिद के पास बने एक कमरे की छत ढही है।
कैसे और कब हुआ हादसा
छत गिरने की वजह से 14–15 लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। अब तक 10 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि बाकी के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसा शाम करीब साढ़े चार बजे हुआ, जिसके तुरंत बाद पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इलाके को खाली करवा दिया गया है और मलबा हटाने का काम तेज़ी से चल रहा है।
मौत और घायल होने की खबर
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पानी के रिसाव और नमी के कारण पुरानी संरचना कमजोर हो सकती है। इससे पहले भी बारिश के कारण दिल्ली में हादसे हुए हैं। हाल ही में एक पुराना पेड़ गिरने से बाइक सवार की मौत और एक महिला के घायल होने की खबर आई थी।
16वीं सदी में बना था हुमांयूं का मकबरा
हुमायूं का मकबरा 1565–1572 के बीच मुगल सम्राट हुमायूं की पत्नी हाजी बेगम द्वारा बनवाया गया था। यह मुगल स्थापत्य कला का पहला भव्य उदाहरण माना जाता है और इसी से प्रेरित होकर ताजमहल जैसे स्मारकों का निर्माण हुआ। लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से बनी इसकी संरचना दोहरे गुंबद तकनीक के साथ तैयार की गई, जो इसे भूकंप और मौसम के असर से बचाने में मदद करती है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) समय-समय पर इस स्मारक की देखभाल और संरक्षण करता रहा है। फिर भी, लगातार बारिश और पुरानी संरचनाओं की कमजोरी से इस तरह के हादसों का खतरा बना रहता है। फिलहाल, रेस्क्यू टीम पूरी कोशिश कर रही है कि मलबे में दबे सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
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