Ghaziabad News : आज, सावन मास का पहला सोमवार देश भर में शिव भक्तों के लिए विशेष उत्साह और भक्ति का दिन है। इस पवित्र अवसर पर, उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद में स्थित प्रसिद्ध दूधेश्वर नाथ मंदिर में सुबह 3 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
विश्रवा ऋषि ने इस शिवलिंग की पूजा की
दूधेश्वर नाथ मंदिर न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे उत्तर भारत में अपनी प्राचीनता और पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के महंत नारायण गिरी के अनुसार, इस मंदिर का शिवलिंग अत्यंत प्राचीन है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंकापति रावण के पितामह, विश्रवा ऋषि ने इस शिवलिंग की पूजा की थी। इसके अलावा, मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी भी अपने युद्ध अभियानों से पहले इस मंदिर में आकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते थे।
पूजा से भगवान शिव हर मनोकामना करेंगे पूरी
महंत नारायण गिरी ने बताया कि प्राचीन काल में इस स्थान पर एक टीला हुआ करता था, जहां एक गाय प्रतिदिन आकर अपने दूध से शिवलिंग का अभिषेक करती थी। इसी कारण इस मंदिर का नाम “दूधेश्वर नाथ” पड़ा। यह कथा मंदिर की पवित्रता और चमत्कारिक शक्ति को और भी विशेष बनाती है। सावन के पहले सोमवार को मंदिर में भक्तों का उत्साह चरम पर था। भक्तों का मानना है कि दूधेश्वर नाथ मंदिर में सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव हर मनोकामना पूर्ण करते हैं
लाखों भक्त दर्शन करने को पहुंचते हैं
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने में सोमवार का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित है। गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर में हर साल सावन के दौरान लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
कपिल मेहरा- गाजियाबाद

