होम = State = दिल्ली/NCR = दिल्ली का सेंट कोलंबस स्कूल घिरा सवालों में, बढ़ते प्रदर्शन, बढ़ते सवाल,क्या शौर्य की मौत का राज आएगा सामने?

दिल्ली का सेंट कोलंबस स्कूल घिरा सवालों में, बढ़ते प्रदर्शन, बढ़ते सवाल,क्या शौर्य की मौत का राज आएगा सामने?

Delhi News: दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं के छात्र शौर्य प्रदीप पाटील की आत्महत्या ने पूरे शहर को भीतर तक झकझोर दिया है। यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि उस दर्दनाक सच का आईना बन गई है जो स्कूलों की चमकदार दीवारों के पीछे छुपा रहता है। शौर्य ने मरने से पहले अपने नोट में साफ तौर पर लिखा था कि स्कूल के शिक्षक उसे लगातार प्रताड़ित करते थे, अपमानित करते थे और मानसिक दबाव डालते थे। परिजनों का कहना है कि यही उत्पीड़न वहन न कर पाने के कारण शौर्य ने यह कठोर कदम उठाया।

बड़ा विरोध प्रदर्शन

जैसे ही यह खुलासा सामने आया, स्कूल के बाहर माता-पिता, छात्र, स्थानीय लोग और कई सामाजिक संगठन भारी संख्या में जुटने लगे। देखते ही देखते मामला एक बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया।
स्कूल के मेन गेट पर नारेबाज़ी जारी है-
“शौर्य को इंसाफ दो!”
“गुनहगारों पर कार्रवाई करो!”
लोग हाथों में पोस्टर, बैनर लिए खड़े हैं, जिन पर लिखा है-
“कितने शौर्य और?”
“स्कूल में सुरक्षा चाहिए, डर नहीं!”

भीड़ का गुस्सा कम नहीं

पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद भीड़ का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। उधर, शौर्य के दोस्तों का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो पा रहा। एक दोस्त ने रोते हुए कहा
“शौर्य बहुत शांत और अच्छा लड़का था। वह कभी ऐसा नहीं करता… स्कूल में तंग किया जाना उसकी सबसे बड़ी परेशानी थी।” दूसरे छात्र ने कहा “अगर शिक्षकों ने समय रहते उसकी बात सुनी होती, आज वह हमारे बीच होता।” परिवार शोक में है, लेकिन उनकी मांग साफ है “हमारे बेटे को इंसाफ चाहिए। दोषियों को सज़ा मिले।”

बढ़ते सवाल

स्कूल प्रबंधन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे सवाल और गहरे हो रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ जांच का नहीं, बल्कि स्कूलों में बढ़ती मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ कार्रवाई का है। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण है और दिल्ली की मौजूदगी इसी एक मुद्दे पर टिकी है, क्या शौर्य को न्याय मिलेगा और क्या ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार और स्कूल सिस्टम ठोस कदम उठाएंगे? आने वाले दिनों की कार्रवाई ही यह तय करेगी कि यह गुस्सा समाधान में बदलेगा या सिस्टम की चुप्पी में खो जाएगा।

ये भी पढ़े:  26 नवंबर को उत्तराखंड में बजेगा ‘संविधान का स्वर’: सभी स्कूलों में एक साथ गूंजेगा वंदेमातरम, सरकार ने जारी किए कड़े निर्देश

Tags : Delhi News

बंगाल