Delhi-NCR AQI: दिल्ली में 12 दिसम्बर की सुबह राहत के बजाय चिंता लेकर आई। हल्की सर्द हवाओं, बादलों और बेहद धीमी गति से बहती हवा ने राजधानी को जहरीले धुएं की चादर में लपेट दिया। तापमान भले ही करीब 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन हवा की गुणवत्ता इतनी बिगड़ गई कि लोगों को घर से बाहर निकलते ही धुंध, जलन और बदबू का अहसास होने लगा।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि दिल्ली का कुल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार जा पहुंचा जो “Hazardous” श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वह स्थिति है, जिसमें पूरी तरह स्वस्थ लोग भी तुरंत शारीरिक परेशानी महसूस कर सकते हैं।
PM2.5 और PM10 का जहरीला स्तर
शहर का PM2.5 स्तर 247 तक दर्ज हुआ, जो “Harmful” श्रेणी में शामिल है। वहीं PM10 का स्तर 309 तक पहुंच गया, जिसे विशेषज्ञ बेहद जोखिमभरा मानते हैं। ये सूक्ष्म कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचते हैं और तुरंत असर दिखाते हैं खासकर तब, जब हवा ठंडी और स्थिर हो, जैसा कि फिलहाल दिल्ली में हो रहा है।
सेहत पर तुरंत पड़ने वाले प्रभाव
ऐसे स्तर पर हवा किसी भी व्यक्ति को सांस फूलने, आंखों में जलन, गले में चुभन, थकान और सीने में भारीपन महसूस करा सकती है। दमा, खांसी, एलर्जी या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक बन जाती है। सुबह की हल्की कसरत या तेज चलना भी सेहत बिगाड़ सकता है, इसलिए विशेषज्ञ मॉर्निंग वॉक से परहेज़ की सलाह दे रहे हैं।
क्यों हर सर्दी बिगड़ती है हालत
सर्दी में नमी बढ़ने और हवाएं रुकने से प्रदूषक जमीन के पास जम जाते हैं। यही वजह है कि दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई शहर हर साल दिसंबर-जनवरी में बुरी तरह प्रदूषण की चपेट में आ जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि फिलहाल सुबह बाहर निकलना जोखिमभरा है। जब तक AQI खतरनाक स्तर से नीचे नहीं आता, मॉर्निंग वॉक टालना ही बेहतर है।
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