Delhi-NCR AQI: देश की राजधानी दिल्ली में रविवार की सुबह भी प्रदूषण का संकट पूरी तरह छंट नहीं सका। धुंध और धुएं के बीच शहर का औसत AQI 270 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि यह पिछले दिनों की ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ स्थिति से थोड़ा बेहतर है, लेकिन हवा अभी भी लंबे समय तक बाहर रहने के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा रही।
तेज हवा ने दी थोड़ी राहत
शनिवार शाम सतह पर हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषक कणों का फैलाव हुआ, जिससे कुल AQI में गिरावट आई। लेकिन यह सुधार केवल औसत आंकड़ों में दिखा। जमीन पर कई इलाकों में हालात अब भी चिंताजनक हैं। कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी के करीब बनी हुई है।
दिल्ली के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में-
• बुराड़ी- 283
• बवाना- 295
• सिरीफोर्ट- 295
• वजीरपुर- 282
• चांदनी चौक- 281
• आनंद विहार- 281
• नरेला- 279
• पंजाबी बाग- 266
• जेएलएन स्टेडियम- 269
शादीपुर बना सबसे ज़हरीला इलाका
दिल्ली का सबसे प्रदूषित क्षेत्र शादीपुर रहा, जहां AQI 336 तक पहुंच गया। इसके बाद आरके पुरम में 308 दर्ज किया गया दोनों ही ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में। इन स्तरों पर स्वस्थ लोगों में भी सांस लेने की समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।
ये सभी इलाक़े ‘खराब’ रेंज में रहे। केवल मंदिर मार्ग में मिली थोड़ी राहत, पूरी राजधानी में सिर्फ मंदिर मार्ग ऐसी जगह रही जहां AQI 157 दर्ज हुआ, जो ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में आता है। वहीं आया नगर, IGI एयरपोर्ट, लोधी रोड, अलीपुर, नजफगढ़ और नॉर्थ कैंपस में AQI 225–251 के बीच रहा।
NCR की हवा भी बिगड़ी
• गुरुग्राम- 233 (खराब)
• नोएडा- 267 (खराब)
• गाजियाबाद- 262 (खराब)
• फरीदाबाद- 178 (मॉडरेट)
भारत के AQI मानकों के अनुसार 201–300 के बीच का स्तर ‘खराब’ माना जाता है और इससे सांस लेने में दिक्कत, थकान और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। राजधानी और NCR में हवा भले कुछ सुधरी हो, लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है।
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