Bird Flu : राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली जू) में बर्ड फ्लू का खतरा गहराता जा रहा है। मंगलवार सुबह एक आईबिस पक्षी की संक्रमण के कारण मौत हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने हालात से निपटने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और कड़े कर दिए हैं। चिड़ियाघर के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां अगले 15 दिन तक रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय में ही मौजूद रहने के आदेश दिए गए हैं।
कर्मचारियों की जांच और सैंपल कलेक्शन
बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए चिड़ियाघर में काम कर रहे करीब 100 फ्रंटलाइन कर्मचारियों की मेडिकल जांच शुरू कर दी गई है। इनमें पक्षियों के बाड़ों की साफ-सफाई करने वाले और वन्यजीवों की देखरेख करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। नैशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की टीम ने पहले दिन खून और यूरिन के सैंपल लिए, जिनकी रिपोर्ट 48 घंटे बाद आने की संभावना है। यदि इनमें से किसी का सैंपल पॉजिटिव पाया जाता है, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सुरक्षा इंतजाम और स्वास्थ्य पर निगरानी
चिड़ियाघर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पक्षियों और जानवरों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। सभी कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए हेल्थ एडवाइजरी कमिटी ने IVRI इज्जतनगर, हिसार वेटरनरी कॉलेज और मथुरा स्थित विशेषज्ञ संस्थानों से आपातकालीन वर्चुअल बैठक कर स्थिति का आकलन किया।
सेफ्टी मैनेजमेंट और गाइडलाइन
फ्रंटलाइन कर्मचारियों को PPE किट, ग्लव्स और मास्क के सही उपयोग की ट्रेनिंग दी गई है। उन्हें आपसी दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी तय किया गया है कि एक बाड़े में काम करने वाले कर्मचारी दूसरे बाड़े में न जाएं, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो।
सतर्कता और निगरानी जारी
प्रशासन ने बताया कि कर्मचारियों को सेफ्टी मैनेजमेंट की जानकारी नियमित रूप से दी जा रही है और हर कदम पर निगरानी बढ़ाई गई है। छुट्टियां रद्द किए जाने के बाद अब सभी कर्मचारी अगले 15 दिनों तक मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे।
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आईबिस पक्षी की मौत के बाद दिल्ली जू में बर्ड फ्लू की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पर और निर्णय लिए जाएंगे, लेकिन फिलहाल प्रशासन किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ रहा है।

