Delhi-NCR AQI: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार, 29 नवंबर को कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 369 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण नियंत्रण के तमाम प्रयासों के बावजूद हवा में घुला ज़हर लगातार बढ़ रहा है और पिछले दो हफ्तों से दिल्ली ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणियों के बीच झूल रही है।
किरण बेदी का PM से अनुरोध
एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह भी हालात में सुधार की उम्मीद कम है। इसी बिगड़ते माहौल के बीच पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उप-राज्यपाल किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। किरण बेदी ने X पर लिखा कि प्रधानमंत्री की नेतृत्व क्षमता और समस्या समाधान की रफ्तार उन्होंने पुडुचेरी में करीब से देखी है।
उन्होंने आग्रह किया कि मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में दिल्ली के प्रदूषण पर विशेष संदेश दें ताकि देशभर में जागरूकता बढ़े। बेदी ने कहा “सर, माफ कीजिए कि मैं यह आग्रह दोबारा कर रही हूं। आपने पुडुचेरी में वीडियो सेशंस के जरिए हर चुनौती का समयबद्ध समाधान कराया। यहां भी वही तत्परता जरूरी है।”
हर महीने राज्यों के साथ बैठक की सलाह
किरण बेदी ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री हर महीने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी के मुख्यमंत्रियों व मुख्य सचिवों के साथ वर्चुअल बैठक करें, ताकि प्रदूषण नियंत्रण की प्रगति की सीधी समीक्षा हो सके। उनका मानना है कि PM की निगरानी से जनता में भरोसा बढ़ेगा और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बन सकेगा।
प्रदूषण एक दुर्घटना नहीं, दशकों की लापरवाही का नतीजा
बेदी ने हाल के दिनों में कई बार सोशल मीडिया पर कहा है कि प्रदूषण अचानक नहीं बढ़ा, बल्कि यह कई दशकों से सही समन्वय न होने का परिणाम है। उन्होंने राज्यों को सहयोगात्मक रवैया अपनाने की सलाह दी और कहा कि मिलकर काम करने से ही दिल्ली की हवा को राहत मिल सकती है। दिल्ली की जहरीली हवा एक बार फिर चेतावनी दे रही है, अब कदम न उठाए गए, तो स्थिति काबू से बाहर जा सकती है।

