Delhi News: दिल्ली की सड़कों पर शनिवार देर रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने सबको सन्न कर दिया। मध्य दिल्ली के नबी करीम इलाके में प्रेम प्रसंग के विवाद ने दो लोगों की जान ले ली और एक जिंदगी को मौत से जूझता छोड़ दिया। यह कहानी एक गर्भवती महिला, उसके पति और पूर्व प्रेमी के बीच के उस खतरनाक ‘लव ट्राएंगल’ की है, जो आखिरकार खूनी अंजाम तक पहुंचा।
क्या है पूरा मामला
घटना 18 अक्टूबर की रात करीब 10:15 बजे की है। बगीची प्रताप नगर निवासी आकाश (23) अपनी पत्नी शालिनी (22) के साथ उसकी मां शीला से मिलने नबी करीम के कुतुब रोड आया था। दोनों ई-रिक्शा में बैठे ही थे कि तभी शालिनी का पूर्व प्रेमी आशु उर्फ शैलेंद्र (34) वहां पहुंचा। गुस्से में तमतमाया आशु पहले आकाश पर झपटा और चाकू से हमला करने की कोशिश की। आकाश किसी तरह बच निकला, लेकिन इसके बाद आशु ने शालिनी पर चाकू से कई वार कर दिए।
तीनों खून से लथपथ
बीच-बचाव करने दौड़े आकाश को भी आशु ने घायल कर दिया। हालांकि, घायल आकाश ने हिम्मत नहीं हारी और आशु से चाकू छीनकर उसी पर पलटवार कर दिया। कुछ ही मिनटों में तीनों खून से लथपथ सड़क पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने शालिनी और आशु को मृत घोषित कर दिया, जबकि आकाश की हालत गंभीर बनी हुई है।
लिव-इन रिलेशनशिप का राज
पुलिस जांच में सामने आया कि शालिनी और आकाश की शादी को तीन साल हो चुके थे। उनके दो बच्चे हैं और शालिनी गर्भवती भी थी। शालिनी की मां शीला ने बताया कि कुछ समय पहले शालिनी अपने पति से नाराज होकर आशु के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी, लेकिन बाद में दोनों में सुलह हो गई और वह फिर से अपने पति के पास लौट आई। यही बात आशु को नागवार गुज़री।
पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आशु यह दावा करता था कि शालिनी के गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता वही है। इस शक और जलन ने ही उसे खून का खेल खेलने पर मजबूर कर दिया। आशु का अपराध रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह नबी करीम थाने का “BC” (Bad Character) था, जबकि आकाश पर भी तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। नबी करीम थाना पुलिस ने शालिनी की मां शीला के बयान पर धारा 103(1)/109(1) BNS के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है। फिलहाल इलाके में इस घटना के बाद दहशत और सन्नाटा दोनों पसरे हुए हैं, क्योंकि यह प्यार नहीं, शक और जुनून की वह कहानी है जो मौत पर खत्म हुई।
ये भी देखे: दीपावली पर मिट्टी के दीयों से जगमगाएं अपना घर, ताकि कुम्हारों के घरों में भी लौटे खुशियों की रौशनी

