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एयर एम्बुलेंस के लिए उधार लिए 75 लाख रुपये, एक हादसे से कई परिवारों में पसरा मातम

Jharkhand air ambulance crash: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार रात हुई एयर एम्बुलेंस दुर्घटना ने एक परिवार और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी त्रासदी पैदा कर दी। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें पायलट, डॉक्टर, नर्स और गंभीर रूप से जले हुए मरीज शामिल थे। एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, जहां गंभीर रूप से घायल मरीज का इलाज होना था।

एयर एम्बुलेंस की उड़ान

रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी। लगभग 20 मिनट बाद वायु यातायात नियंत्रण से इसका संपर्क टूट गया। खराब मौसम और जंगली इलाके के कारण विमान चतरा जिले के वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

हादसे में हुए मृतक और उनके परिवार

संजय कुमार शॉ और उनकी पत्नी अर्चना देवी

रिश्तेदार ध्रुव कुमार

डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता

नर्स सचिन कुमार मिश्रा

पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवराजदीप सिंह

संजय कुमार झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा में एक होटल चलाते थे। उनके होटल में पिछले सोमवार को शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसमें संजय गंभीर रूप से जल गए। उनके शरीर का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा जल चुका था। शुरुआती उपचार रांची के निजी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार न होने के कारण उन्हें दिल्ली के श्री गंगा राम अस्पताल रेफर किया गया।

पारिवारिक कठिनाइयां

संजय और उनके परिवार को एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए रिश्तेदारों से करीब 75 लाख रुपये उधार लेने पड़े। दिल्ली में इलाज के लिए अतिरिक्त पैसे भी अलग रखे गए थे। उनके बड़े भाई विजय शॉ ने बताया कि उन्हें रांची हवाई अड्डे पर छोड़ने के बाद टीवी पर हादसे की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा।

इस दुर्घटना में संजय और उनकी पत्नी अर्चना दोनों की मृत्यु हो गई, जिससे उनके दो बच्चे अनाथ हो गए। परिवार ने रांची में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की कमी पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर स्थानीय अस्पताल में उचित इलाज होता, तो यह एयरलिफ्टिंग और हादसा टाला जा सकता था।

अन्य मृतकों के परिवारों की प्रतिक्रिया

डॉ. विकास कुमार गुप्ता के पिता बजरंग प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए सारी जमीन बेच दी थी। डॉ. गुप्ता रांची के सदर अस्पताल में तैनात थे और उनका एक सात वर्षीय बेटा है। डॉ. गुप्ता मेधावी छात्र थे और उन्होंने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की थी।

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