Bihar Election Phase 2 Voting: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के लिए मतदान शुरू हो चुका है। सुबह मॉक पोल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान प्रारंभ कर दिया गया। चुनाव आयोग ने हर मतदान केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं, ताकि मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
कितने है उम्मीदवार और मतदाता
इस चरण में कुल 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1165 पुरुष, 136 महिलाएं और 1 थर्ड जेंडर प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं मतदाताओं की संख्या करीब 3 करोड़ 70 लाख है। इनमें 1 करोड़ 95 लाख पुरुष, 1 करोड़ 74 लाख महिलाएं, चार लाख चार हजार दिव्यांग, 63 हजार 373 सर्विस वोटर, 943 थर्ड जेंडर मतदाता और 43 एनआरआई वोटर शामिल हैं। इसके अलावा 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 7 लाख 69 हजार 356 युवा मतदाता पहली बार लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा ले रहे हैं।
CM नितीश की लोगों से अपील
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मतदान के बीच लोगों से अपील की “लोकतंत्र में वोट देना केवल अधिकार नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य भी है। सभी नागरिक मतदान करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।”
मतदान केंद्र का हाल
दूसरे चरण के लिए 45,339 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 4,109 संवेदनशील और 4,003 अतिसंवेदनशील बूथ घोषित किए गए हैं। अधिकांश सीटों पर मतदान शाम चार बजे तक, जबकि कुछ क्षेत्रों जैसे बोधगया के 106 बूथों पर शाम पांच बजे तक मतदान होगा। वहीं कटोरिया, बेलहर, चैनपुर, गोह, औरंगाबाद, रफीगंज, शेरघाटी, बोधगया, रजौली, सिकंदरा, जमुई और झाझा जैसी सीटों पर सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पहले चरण से ज्यादा कड़ी
दिल्ली में हाल ही में हुए बम धमाके के बाद बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि दूसरे चरण की सुरक्षा व्यवस्था पहले चरण से भी ज़्यादा कड़ी की गई है। जिन जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें से सात जिले भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे हैं। इसके अलावा कई जिले अंतरराज्यीय सीमाओं से भी सटे हैं, जिन पर नज़र बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
DGP ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और प्रशासन की सख्ती के बीच बिहार का लोकतंत्र आज फिर एक ऐतिहासिक परीक्षा से गुजर रहा है।
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