Rahul Gandhi : बिहार विधानसभा चुनाव में सभी दलों के फायर ब्रांड नेता एक के बाद एक रैली कर रहे हैं, और जनता को लुभाने की पूरी कोशिश कर रहें हैं। इसके साथ ही NDA हो या महागठंधन, दोनों की दल के नेता एक दूसरे पर वार पर वार कर रहें हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक जन सभी में अजब ही बयान दे दिया है।
‘’मोदी स्टेज पर भरतनाट्यम शुरू कर देंगे’’
दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक चुनावी रैली करने पहुंचे। जहां उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ‘अगर भीड़ से 200 लोगों ने कहा कि मोदी जी स्टेज पर जरा डांस कीजिए, हम वोट देंगे। तो डांस शुरू हो जाएगा। वो भरतनाट्यम करना शुरू कर देंगे स्टेज पर।’
राहुल गांधी के इस बयान के बाद बीजेपी ने उनपर जोरदार हमला कर दिया है। इतना ही नहीं बीजेपी के नेता से लेकर कार्यकर्ता हर कोई राहुल के इस बयान पर सख्त नाराजी जता रहा है।
राहुव गांधी के बयान पर भड़के गिरिराज सिंह
राहुल गांधी के इस बयान को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सनातन धर्म से जोड़ दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ‘उन्होंने सनातन धर्म का अपमान किया है। छठ पर राहुल गांधी का बयान सनातन धर्म और हिंदुओं का अपमान है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि राहुल गांधी को नहीं पता कि वे खुद अपने आप में क्या हैं। वे हिंदू हैं, पारसी हैं, ईसाई हैं या कुछ और… लेकिन अगर वे छठ पर्व को अपमानित करने का काम करेंगे तो उनको ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। बिहार की जनता उनको जवाब देगी।’
बयानों के चक्कर में चली गई थी सदस्यता
ये पहली बार नहीं है कि राहुल गांधी ने इस तरह का विवादित बयान दिया है। इस पहले भी कई बार राहुल गांधी ने मंच से पीएम मोदी और अन्य विरोधियों के खिलाफ अजीबों-गरीब बयान दिए हैं, और इन्हीं बयानों के चलते राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता चली गई थी।
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2019 में दिया था विवादित बयान
बता दें कि साल 2019 में राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में एक सभा में कहा था कि सभी चोरों के सरनेम मोदी ही क्यों है? उनके इस बयान पर बीजेपी काफी ज्यादा नाराज हुई थी। साथी ही बीजेपी ने राहुल गांधी के इस बयान का जमकर विरोध भी किया था। और बीजेपी का एक MLA कोर्ट चला गया था। जिसके बाद अदालत में सुनवाई के बाद राहुल गांधी को दोषी पाया और उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई थी। और इसके बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता भी चली गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें दोबारा से संसद सदस्य बनाया गया।

