CM Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले दो दशक से राज्य की सत्ता में लगातार बने हुए हैं। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में मिली जीत के साथ उन्होंने रिकॉर्ड दसवीं बार सीएम पद संभाला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके लगातार सत्ता में बने रहने में महिला वोटर्स का समर्थन सबसे बड़ी भूमिका निभाता रहा है। महिलाओं के लिए उठाए गए साहसिक कदम, स्कूलों में लड़कियों के लिए साइकिल वितरण, जीविका समूहों का विस्तार और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास उनकी लोकप्रियता के पीछे का बड़ा कारण हैं।
क्या है पूरा मामला
हालांकि, सत्ता में रहते हुए उनके कई विवादित बयान और व्यवहार भी चर्चा का विषय बने रहे हैं। ताजा मामला पटना का है, जहां मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने नवनियुक्त महिला डॉक्टर को नियुक्ति पत्र देते समय उसके हिजाब को हटाने का प्रयास किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस घटना के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
पहले भी कर चुके है ऐसी हरकत
नीतीश कुमार चुनाव प्रचार के दौरान भी महिलाओं के साथ अपने व्यवहार को लेकर विवादों में रह चुके हैं। मुजफ्फरपुर में उन्होंने भाजपा की महिला प्रत्याशी रमा निषाद को माला पहनाई, जबकि भारतीय समाज में पुरुष द्वारा महिलाओं को माला पहनाने की परंपरा नहीं है। इसी तरह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सहकारिता विभाग के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिला पुरस्कार विजेता का हाथ पकड़कर मंच की ओर खींचा और कंधे पर हाथ रखा।
साल 2023 में विधानसभा में आरक्षण पर चर्चा के दौरान और महिलाओं के समारोह में दिए गए उनके कुछ बयान भी विवादों का कारण बने। हालांकि, उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।
सत्ता मार्ग महिलाओं से जुड़ा
नीतीश कुमार का सत्ता मार्ग महिलाओं के लिए किए गए सुधारों से जुड़ा है। उन्होंने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए जीविका समूह, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और पूर्ण शराबबंदी जैसी योजनाएं लागू कीं। 1.2 करोड़ से अधिक जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त किया गया और चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में सीधे 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए।
विवादित व्यवहार और टिप्पणियां हमेसा चर्चा में
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, नीतीश कुमार की महिला वोटरों पर पकड़ ही उन्हें बिहार की सत्ता में लगातार बनाए रखती है। लेकिन उनके विवादित व्यवहार और टिप्पणियां हमेशा विपक्ष और सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरती रहती हैं। सत्ता और विवादों के इस संगम ने नीतीश कुमार की छवि को हमेशा चुनौतीपूर्ण बना रखा है।
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