Bihar Election: बिहार की सियासत में मोकामा विधानसभा सीट एक बार फिर सुर्खियों में है। कभी बाहुबली छवि वाले अनंत सिंह का गढ़ माने जाने वाला यह इलाका अब नए राजनीतिक समीकरणों का केंद्र बन गया है। दुलारचंद यादव की हत्या और उसके बाद अनंत सिंह के जेल जाने से मोकामा की सियासत पूरी तरह बदल गई है। अब इस सीट पर जनता दल (यू) के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है।
हर व्यक्ति अनंत सिंह बनकर लड़े
ललन सिंह ने हाल ही में मोकामा में एक बड़ी जनसभा के दौरान एलान किया कि अब वे खुद इस सीट की कमान संभालेंगे। उन्होंने जनता से आह्वान किया की “अब मोकामा का हर व्यक्ति अनंत सिंह बनकर लड़े।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। उनके इस कदम को JDU की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि अनंत सिंह की गैरमौजूदगी में पार्टी के लिए यह सीट ‘प्रतिष्ठा की परीक्षा’ बन गई है।
पार्टी की पकड़ कमजोर
ललन सिंह की रणनीति साफ है, वे न केवल भूमिहार समुदाय को साधने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि पिछड़े वर्गों को भी अपने साथ जोड़ने में जुट गए हैं। उन्होंने मंच से कहा कि मोकामा में विकास और उपेक्षित वर्गों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी। अनंत सिंह के प्रभाव क्षेत्र में रहकर अब ललन सिंह उसी जनाधार को सहेजने की कोशिश में हैं, ताकि पार्टी की पकड़ कमजोर न हो।
‘विश्वास बनाम विरासत’ की जंग
दूसरी ओर, JDU ने इस सीट पर मुकाबला और दिलचस्प बना दिया है। उसने भूमिहार समुदाय से आने वाली सूरजभान सिंह की पत्नी वीना देवी को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में जातीय समीकरणों के साथ-साथ राजनीतिक अनुभव की भी सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। माना जा रहा है कि इस बार मोकामा की लड़ाई सिर्फ दो नेताओं की नहीं, बल्कि ‘विश्वास बनाम विरासत’ की जंग बन गई है। एक ओर ललन सिंह अपनी संगठनात्मक क्षमता और विकास के वादों पर मैदान में हैं, तो दूसरी ओर आरजेडी अपनी पुरानी जड़ों को फिर से मजबूत करने में जुटी है।
अब सबकी निगाहें इसी पर टिकी हैं कि क्या ललन सिंह मोकामा में अनंत सिंह की सियासी विरासत को बचा पाएंगे या फिर वीना देवी इस गढ़ में नई कहानी लिखेंगी। मोकामा का यह चुनाव इस बार सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार की सियासत की दिशा तय करने वाला संग्राम बन गया है।
ये भी पढ़ें: SIR पर मचा सियासी बवाल: 12 राज्यों में कल से मतदाता सूची पुनरीक्षण, विपक्ष ने जताया विरोध

