Jan suraj protest patna : बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को जन सुराज के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. पुलिस का यह लाठीचार्ज उस समय हुआ जब कार्यकर्ता विधानसभा घेराव को लेकर सड़कों पर विरोध कर रहे थे।
लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता घायल
बता दें कि प्रशांत किशोर की अगुवाई में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तीन गंभीर मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव करने का फैसला किया था। लेकिन जैसे ही प्रदर्शनकारी गर्दनीबाग से निकलकर चितकोहरा गोलंबर के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई,जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए और अफरातफरी मच गई।
किन मुद्दों पर हो रहा था विधानसभा घेराव
जानकारी के लिए बता दें कि जन सुराज तीन प्रमुख मुद्दों के आधार पर विधानसभा घेराव करने की तैयारी कर रही थी.
- गरीब परिवारों को रोजगार सहायता : पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने गरीब परिवारों को रोजगार के लिए 2 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस वादे को पूरा नहीं किया गया।
- दलित भूमिहीन परिवारों को जमीन का अधिकार : जन सुराज पार्टी ने यह सवाल उठाया कि दलित भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन क्यों नहीं दी गई, जैसा कि सरकार ने वादा किया था।
- भूमि सर्वेक्षण में भ्रष्टाचार : पार्टी ने यह आरोप लगाया कि बिहार के भूमि सर्वेक्षण में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है, और सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
इन तीन प्रमुख मुद्दों के अलावा पार्टी ने बिहार में चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान और राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर भी सरकार से जवाब मांग रही है। जन सुराज पार्टी के समर्थक इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे।
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जन सुराज पार्टी का बड़ा आंदोलन
इससे पहले जन सुराज पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर भी जुटाए थे, जिन्हें विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करने की योजना थी। प्रशांत किशोर ने इसे जन की आवाज बताते हुए, सरकारी वादाखिलाफी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की थी। लेकिन पुलिस की ओर से बंदोबस्त पूरी तरह से कड़ा किया गया था। पुलिस ने चितकोहरा गोलंबर के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बेरिकेड्स लगाए थे और विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था।
पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े उपाय
बिहार पुलिस ने विधानसभा घेराव से पहले ही सूचना मिलते ही अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था। सुरक्षा कारणों से भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लाठीचार्ज के बाद भी पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए धारा 144 के तहत कई जगहों पर कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि, इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।
प्रशांत किशोर का बयान
प्रशांत किशोर ने इस लाठीचार्ज पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का आतंकवाद है। हम केवल हमारे अधिकारों की मांग कर रहे थे, लेकिन इस तरह की दमनकारी कार्रवाई से हम पीछे नहीं हटेंगे। हम अपने मुद्दों को लेकर विधानसभा तक पहुंचेंगे और हम जनता की आवाज को उठाते रहेंगे।

