होम = Cover Story Latest = पटना में वैलेंटाइन डे से पहले HSS संगठन की चेतावनी, कहा- ‘जहां मिलेंगे बाबू शोना, तोड़ देंगे कोना कोना’

पटना में वैलेंटाइन डे से पहले HSS संगठन की चेतावनी, कहा- ‘जहां मिलेंगे बाबू शोना, तोड़ देंगे कोना कोना’

Patna Valentine Day Posters: वैलेंटाइन डे से पहले बिहार की राजधानी पटना में कुछ जगहों पर धमकी भरे पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। इन पोस्टरों में कपल्स को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है और खुलेआम चेतावनी दी गई है। पोस्टरों पर ‘हिंदू शिवभवानी सेना’ नाम लिखा होने की बात कही जा रही है, जिससे मामला और भी चर्चा में आ गया है।

पोस्टर में क्या लिखा था

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक पोस्टरों में लिखा गया ‘जहां मिलेंगे बाबू-शोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’ इसके अलावा भी कुछ लाइनों में प्रेमी-प्रेमिकाओं को निशाना बनाते हुए धमकी देने की बात सामने आई है।

कहां-कहां लगाए गए पोस्टर

बताया जा रहा है कि ये पोस्टर पटना के कुछ सार्वजनिक इलाकों, कॉलेज के आसपास और भीड़भाड़ वाली जगहों पर लगाए गए। वैलेंटाइन वीक के दौरान ऐसी जगहों पर युवाओं की आवाजाही ज्यादा रहती है, इसलिए यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया।

लोगों में नाराजगी और चिंता

पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलते ही लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जताई। कई लोगों का कहना है कि इस तरह की धमकियां समाज में डर फैलाने का काम करती हैं और युवाओं की निजी आजादी पर हमला है।

प्रशासन की नजर, कार्रवाई की मांग

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की नजर इस पर गई है। आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस पोस्टर लगाने वालों की पहचान के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज ,पोस्टर छपवाने वाली प्रिंटिंग दुकान ,पोस्टर पर लिखे संगठन की सच्चाई और गतिविधियां ,जैसे पहलुओं की जांच करती है।

कानूनी रूप से क्या बनता है मामला

अगर कोई संगठन या व्यक्ति सार्वजनिक जगहों पर इस तरह की धमकी देता है, तो यह धमकी, शांति भंग करने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने जैसी धाराओं में आ सकता है। साथ ही पोस्टर लगाना कई जगहों पर अवैध पोस्टरबाजी के नियमों के तहत भी कार्रवाई योग्य होता है।

हर साल वैलेंटाइन के समय क्यों बढ़ती है ऐसी घटनाएं

वैलेंटाइन डे के आसपास कई शहरों में कुछ संगठन ‘संस्कृति’ के नाम पर विरोध करते हैं। कभी पोस्टर लगाए जाते हैं, कभी पार्कों में रोक-टोक की जाती है। हालांकि कानून के मुताबिक किसी भी नागरिक को शांतिपूर्वक अपने निजी जीवन का अधिकार है, जब तक वह किसी नियम का उल्लंघन नहीं कर रहा।

फिलहाल स्थिति क्या है

अभी इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पोस्टर लगाने वाले लोग कौन हैं और क्या वाकई इसके पीछे कोई संगठित समूह है या सिर्फ डर फैलाने की कोशिश। पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

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