Ramvilas Paswan Death Anniversary : लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की आज (08 अक्टूबर, बुधवार) पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनके बेटे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भावुक संदेश साझा कर पिता को श्रद्धांजलि दी।
चिराग पासवान ने एक्स पर कहा,
“पापा, आपकी पुण्यतिथि पर आपको मेरा नमन. मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपके दिखाए मार्ग और आपके विजन ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ को साकार करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हूं. बिहार के समग्र और सर्वांगीण विकास का जो सपना आपने देखा था, अब समय आ गया है उसे धरातल पर उतारने का. आपने मेरे कंधों पर जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उसे निभाना मेरे जीवन का उद्देश्य और कर्तव्य है.”
उन्होंने आगे लिखा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव उनके पिता के संकल्पों को पूरा करने का अवसर है.
“बिहार में लोकतंत्र का महापर्व शुरू होने जा रहा है। आगामी चुनाव आपके संकल्प को पूरा करने का अवसर है। बिहार को नई दिशा देने, हर बिहारी के सपनों को साकार करने का समय आ गया है। पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का सपना है कि इस बार चुनाव में आपके अधूरे सपनों को पूरा किया जा सके। पापा, आपकी प्रेरणा, आशीर्वाद और आदर्श सदैव मेरे मार्गदर्शक रहेंगे.”
पापा, आपकी पुण्यतिथि पर आपको मेरा नमन।
मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपके दिखाए मार्ग और आपके विजन “बिहार फ़र्स्ट, बिहारी फ़र्स्ट” को साकार करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हूं।
बिहार के समग्र और सर्वांगीण विकास का जो सपना आपने देखा था, अब समय आ गया है उसे धरातल पर उतारने का। आपने… pic.twitter.com/ri0lBcW724— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) October 8, 2025
चिराग ने एक अन्य पोस्ट में पिता की तस्वीर साझा करते हुए उनकी कही पंक्तियों को याद किया—
“पापा हमेशा कहा करते थे- ‘जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत, जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो’.”
नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर कई नेताओं ने उन्हें याद किया. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा,
“लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन. सामाजिक न्याय के प्रखर योद्धा, वंचितों, पिछड़ों और दलितों की आवाज उठाने वाले रामविलास पासवान जी ने सदैव गरीबों और शोषितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी. उनका लंबा सार्वजनिक जीवन सेवा, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक रहा. भारतीय राजनीति में उनकी छवि एक संवेदनशील और जनप्रिय नेता के रूप में सदैव याद की जाएगी.”
रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत
गौरतलब है कि रामविलास पासवान भारतीय राजनीति के उन दिग्गज नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने दशकों तक गरीबों, दलितों और वंचितों की आवाज बुलंद की. वे कई बार केंद्रीय मंत्री रहे और विभिन्न सरकारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी राजनीतिक सोच और ‘सामाजिक न्याय’ की लड़ाई ने उन्हें आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाया.
उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा अब उनके बेटे चिराग पासवान के कंधों पर है, जो आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में अपने पिता के विजन को आधार बनाकर चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं.

