Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव अपने अंतिम दौर में है और आज प्रचार का आखिरी दिन है। इसी बीच RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक विशेष इंटरव्यू में लालू यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि राजद अब कभी भी नीतीश कुमार की JDU के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह नीतीश कुमार के किसी भी संपर्क में नहीं हैं।
बयानों ने माहौल को गरमाया
लालू यादव ने कहा कि इस बार बिहार चुनाव का असली मुद्दा बेरोजगारी है, और अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य से बेरोजगारी खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह इंटरव्यू अपनी पत्नी राबड़ी देवी के सरकारी आवास, पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड पर दिया। स्वास्थ्य कारणों से भले ही लालू इस बार सक्रिय चुनाव प्रचार से दूर हैं, लेकिन उनके बयानों ने माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में नीतीश कुमार के साथ फिर से गठबंधन की कोई संभावना है, तो उन्होंने दो टूक कहा “अब हम नीतीश कुमार को स्वीकार नहीं करेंगे।” लालू के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
सस्पेंस अब भी बरकरा
उधर, NDA कैंप में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद कि “मुख्यमंत्री का चयन नवनिर्वाचित विधायक करेंगे,” यह सवाल और गहराया कि जीत के बाद क्या नीतीश ही सीएम होंगे? हालांकि बाद में कई एनडीए नेताओं ने साफ किया कि जीत की स्थिति में नीतीश ही मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन सस्पेंस अब भी बरकरार है।
लालू और नीतीश का रिश्ता
बिहार की राजनीति में लालू और नीतीश का रिश्ता हमेशा उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कभी कट्टर विरोधी तो कभी सहयोगी बने दोनों नेताओं ने पिछले तीन दशकों में राज्य की सियासत को नई दिशा दी। 2015 और 2022 में दोनों ने साथ आकर महागठबंधन को मजबूत किया, लेकिन अब लालू का कहना है “नीतीश कुमार के साथ अब कोई समझौता नहीं, यह रिश्ता हमेशा के लिए खत्म।
बिहार के इस चुनावी मौसम में लालू यादव का यह बयान नीतीश की सियासी जमीन को हिला सकता है और यही सवाल अब हर किसी के ज़ेहन में है कि 2025 का बिहार आखिर किसके हाथ आएगा?
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