Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति में मतदाताओं का रुझान अब धीरे-धीरे परिपक्वता की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों से साफ है कि राज्य में ‘नोटा’ यानी “नन ऑफ द एबव” का ग्राफ लगातार गिरावट दर्ज कर रहा है। जहां 2015 के विधानसभा चुनाव में लगभग 52,610 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को वोट न देकर नोटा का बटन दबाया था, वहीं 2020 के चुनाव में यह संख्या घटकर 29,848 रह गई। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बिहार के मतदाता अब अस्थिरता से ऊब चुके हैं और वे स्पष्ट जनादेश के साथ स्थिर सरकार के पक्ष में अपना विश्वास जता रहे हैं।
समस्तीपुर में भी दिखा बदलाव
समस्तीपुर जिले के आंकड़े भी यही रुझान दर्शाते हैं। जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में 2015 की तुलना में 2020 में नोटा दबाने वालों की संख्या में गिरावट आई है, जबकि कुल मतदान प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गई।
2015 में वारिसनगर विधानसभा में सबसे ज्यादा 9,551 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था, लेकिन 2020 में यह आंकड़ा घटकर 2,632 पर सिमट गया। वहीं मोहिउद्दीनगर सीट पर 2020 में मात्र 546 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना, जो जिले में सबसे कम था।
शहरी क्षेत्रों में बदला ट्रेंड
दिलचस्प बात यह है कि समस्तीपुर शहरी क्षेत्र में नोटा का ग्राफ उलटा बढ़ा। यहां 2015 में 1,070 लोगों ने नोटा दबाया था, जबकि 2020 में यह संख्या बढ़कर 1,837 हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी मतदाता आमतौर पर शिक्षित होते हैं और शासन की दिशा पर उनकी सोच अधिक गहराई से जुड़ी होती है।
2015 में दिखा था नोटा का असर
बिहार में पहली बार 2015 के विधानसभा चुनाव में नोटा का विकल्प जोड़ा गया था। उस समय मतदाताओं में इसे लेकर खासा उत्साह देखा गया। समस्तीपुर जिले की हसनपुर विधानसभा में सबसे अधिक 7,471 मतदाताओं ने नोटा दबाया था।
करीबी मुकाबलों में नोटा रहा निर्णायक
2020 के विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में कई सीटों पर मुकाबले इतने करीबी थे कि नोटा की संख्या निर्णायक साबित हो सकती थी। उदाहरण के लिए, सरायरंजन विधानसभा में जेडीयू के विजय कुमार चौधरी ने राजद उम्मीदवार को 3,624 वोटों से हराया, जबकि 4,200 वोट नोटा में गए थे।
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इसी तरह समस्तीपुर सीट पर राजद के अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने 4,714 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि 1,837 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था।
समस्तीपुर जिले में नोटा का आंकड़ा
- विधानसभा 2015/2020 – उजियारपुर 956, 6388
- विधानसभा 2015/2020 – मोरवा 1747, 3261
- विधानसभा 2015/2020 – सरायरंजन 4200, 7294
- विधानसभा 2015/2020 – मोहिउद्दीनगर 546, 1795
- विधानसभा 2015/2020 – विभूतिपुर 5333, 4440
- विधानसभा 2015/2020 – रोसड़ा 5284, 5841
- विधानसभा 2015/2020 – हसनपुर 4426, 7471
- विधानसभा 2015/2020 – समस्तीपुर 1837, 1070
- विधानसभा 2015/2020 – वारिसनगर 2632, 9551
- विधानसभा 2015/2020 – कल्याणपुर 2887, 4999

