Bihar Election: बिहार चुनाव 2025 की सियासी जंग में अब तेवर तेज़ हो गए हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेगूसराय में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा-जदयू गठबंधन पर करारा वार किया। राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के युवाओं की मेहनत से कर्नाटक, मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों की तस्वीर बदल जाती है, लेकिन बिहार की किस्मत क्यों नहीं बदलती? उन्होंने सवाल उठाया—“आखिर क्यों यहां के लोग अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोज़गार नहीं पा रहे?”
खूब जमकर केंद्र सरकार पर हमलावर
राहुल ने नीतीश कुमार और केंद्र सरकार दोनों पर बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों के शासन में न स्कूल सुधरे, न अस्पताल। इलाज के लिए आज भी बिहार के लोगों को दिल्ली के एम्स की कतार में लगना पड़ता है। उन्होंने तंज कसा, “अगर दिल्ली में इलाज हो सकता है तो बिहार में क्यों नहीं?”
युवाओं से छीने अवसर
सभा में राहुल गांधी ने कहा कि BJP और JDU ने मिलकर बिहार के युवाओं से अवसर छीन लिए हैं। “यहां के नौजवानों को या तो मजबूर बनाया गया है, या मजदूर,” राहुल ने कहा। उन्होंने नीतीश कुमार के ‘विकास पुरुष’ के टैग को “राजनीतिक छलावा” करार देते हुए दावा किया कि सत्ता में बैठे लोग सिर्फ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रहे हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद अडाणी और अंबानी को बिहार की ज़मीन और पटना एयरपोर्ट सौंपने की साजिश है।
नालंदा और शेखपुरा की सभाओं में भी राहुल गांधी ने शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली को लेकर नीतीश सरकार को घेरा। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक गौरवशाली परंपरा का ज़िक्र करते हुए कहा कि बिहार कभी ज्ञान का केंद्र था, लेकिन आज बुनियादी शिक्षा और रोजगार दोनों संकट में हैं।
राहुल गाँधी के वादे
विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह भाषण सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि महागठबंधन की नई रणनीति की झलक है। यह भावनात्मक अपील और विकास के वादे का ऐसा मिश्रण है जो युवाओं और प्रवासी बिहारियों के दिल को छू सकता है। राहुल का संदेश साफ है “अब वक्त है, बिहार की किस्मत खुद लिखने का।”
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