Nitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मुस्लिम समुदाय को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के राज्य के हर वर्ग के लोगों को समान अवसर और सम्मान दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियों में मुस्लिम समाज को हर क्षेत्र में उचित प्रतिनिधित्व मिला है और उनके विकास के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
नीतीश कुमार ने सादा विपक्ष पर निशाना
राजद का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “पूर्ववर्ती सरकारों ने मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उन्हें वास्तविक हिस्सेदारी कभी नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा कि चुनावी मौसम में कुछ दल फिर से मुस्लिमों को लुभाने की कोशिश में जुटे हैं और तरह-तरह के वादे और प्रलोभन दे रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उनके पास ठोस उपलब्धियां नहीं हैं।
मुस्लिम मतदाताओं से की अपील
मुख्यमंत्री ने सलाह के लहजे में मुस्लिम मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें यह याद रखना चाहिए कि किस सरकार ने वास्तव में उनके समाज के उत्थान के लिए काम किया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने शिक्षा, रोजगार, और सुरक्षा के क्षेत्र में बिना भेदभाव काम किया है। लोगों को चाहिए कि वे विकास के आधार पर निर्णय लें, न कि झूठे वादों के आधार पर।”
17.7 प्रतिशत बिहार में मुस्लिम आबादी
गौरतलब है कि बिहार में मुस्लिम आबादी करीब 17.7 प्रतिशत है, जो राज्य की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाती है। यह समुदाय राज्य के लगभग 50 से 70 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी माना जाता है।
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आंकड़ों के अनुसार, किशनगंज में मुस्लिम आबादी लगभग 68%, कटिहार में 44%, अररिया में 43% और पूर्णिया में 39% है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में 19 मुस्लिम विधायक चुनकर आए थे, जो कुल विधायकों का करीब 8 प्रतिशत है।

