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जन सुराज पार्टी की पहली सूची जारी, नामों की एंट्री पर कार्यकर्ताओं में नाराज़गी

Jan Suraj Candidate List : प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जसुपा) ने गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। सूची जारी होते ही पार्टी कार्यालय में मिश्रित माहौल देखने को मिला। कुछ के चेहरों पर खुशी थी, तो कई कार्यकर्ता आंसू नहीं रोक पाए। टिकट न मिलने से खासकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले कई पुराने कार्यकर्ता आक्रोशित दिखे।

तीन साल की मेहनत पर पानी?

बनियापुर की पुष्पा कुमारी, जो तीन वर्षों से जन सुराज अभियान में सक्रिय थी, टिकट न मिलने पर रो पड़ी। उनका कहना था कि उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन खड़ा किया, लेकिन टिकट किसी और को दे दिया गया। ऐसी ही नाराजगी कई अन्य कार्यकर्ताओं के बीच भी दिखी।

बड़े नामों की एंट्री

घोषित सूची में कई चर्चित और प्रभावशाली नाम शामिल हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की पुत्री लता सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की पौत्री जागृति ठाकुर को भी टिकट मिला है। वहीं, डीजी (होमगार्ड) के पद से सेवानिवृत्त आरके मिश्रा को दरभंगा से उम्मीदवार बनाया गया है। भोजपुरी गायक रितेश रंजन पांडेय को करगहर से टिकट दिया गया है, जिससे यह साफ हो गया कि प्रशांत किशोर अपने गृहक्षेत्र करगहर से चुनाव नहीं लड़ेंगे। जसुपा की चुनावी यात्रा राघोपुर से शुरू होने वाली है। यह वही सीट है, जहां से राजद नेता तेजस्वी यादव दो बार विधायक रह चुके हैं और तीसरी बार भी दावेदारी करने जा रहे हैं।

आरसीपी सिंह ने जारी की सूची

सूची जारी करने का कार्यक्रम प्रशांत किशोर के नेतृत्व में होना था, मगर वे प्रेस वार्ता में नहीं पहुंचे। ऐसे में आरसीपी सिंह ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इस सूची में 07 सुरक्षित और 44 सामान्य सीटों पर प्रत्याशियों के नाम हैं। जातीय संतुलन का ध्यान रखते हुए अति-पिछड़ा वर्ग से 17, पिछड़ा वर्ग से 11, सामान्य वर्ग से 9 और मुस्लिम समाज से 7 उम्मीदवार शामिल किए गए हैं। इनमें 7 महिलाएं और 1 मंगलामुखी (किन्नर) भी हैं। बिहार चुनाव में यह पहली बार है जब किसी दल ने किन्नर उम्मीदवार को टिकट दिया है।

वाल्मीकिनगर से थारू समाज के प्रत्याशी

वाल्मीकिनगर से दृग नारायण सिंह, जो अनुसूचित जनजाति (थारू समाज) से आते हैं, को उम्मीदवार बनाया गया है। यह सीट सामान्य श्रेणी की है, लेकिन पार्टी का दावा है कि उसने सामाजिक प्रतिनिधित्व के वादे को निभाया है।

विरोध के संकेत पहले ही मिले

सूत्रों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष मनोज भारती के एक्स पोस्ट से पहले ही संकेत मिल गए थे कि सूची जारी होने के बाद असंतोष सामने आएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता वाईवी गिरी ने इस पर कहा कि जसुपा एक परिवार है। यह स्वाभाविक है कि परिवार में सभी योग्य सदस्य दावेदारी करें, लेकिन अंततः एक सीट से एक ही प्रत्याशी तय हो सकता है।

नए और पुराने चेहरों का मेल

सूची में कुछ अनुभवी राजनीतिक चेहरे भी हैं, जैसे पूर्व विधान पार्षद किशोर, जिन्हें सहरसा से टिकट मिला है। इमामगंज सीट से डॉ. अजीत कुमार को उतारा गया है, जिन्होंने कुछ महीने पहले सरकारी नौकरी छोड़ पार्टी जॉइन की थी। वहीं, बोधगया से लक्ष्मण मांझी को टिकट दिया गया है, जो कुछ दिन पहले ही हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा छोड़कर जसुपा में आए थे।

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जनता की राय वाला दावा सवालों में

पार्टी (Jan Suraj Candidate List) का दावा है कि उम्मीदवारों का चयन “जनता की सहमति और कई स्तर की स्क्रूटनी” के बाद हुआ है, लेकिन जिस तरह सूची जारी होते ही विरोध फूट पड़ा, उससे यह साफ है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सहज नहीं है। कई कार्यकर्ताओं को लगता है कि मेहनती कार्यकर्ताओं की जगह बाहरी और चर्चित नामों को तरजीह दी गई है।

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