Bihar Industrial Package : आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के औद्योगिक विकास और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. राज्य सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) को लागू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत उद्यमियों और निवेशकों को कई आकर्षक रियायतें और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. नीतीश कुमार ने इस पैकेज की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की.
सरकार का दावा है कि इस पैकेज के जरिए अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे और बिहार को एक औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही 26 नई योजनाओं को कैबिनेट से मंजूरी भी दे दी गई है.
उद्यमियों के लिए ये होंगी मुख्य सुविधाएं
- ब्याज सब्सिडी: उद्योगों को 40 करोड़ रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी.
- SGST प्रतिपूर्ति: नई औद्योगिक इकाइयों को स्वीकृत परियोजना लागत का 300% तक SGST की प्रतिपूर्ति 14 वर्षों तक की जाएगी.
- पूंजीगत सब्सिडी: 30% तक की पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी.
- निर्यात प्रोत्साहन: निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 14 वर्षों तक प्रतिवर्ष 40 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
- अन्य सुविधाएं: कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा,स्टांप ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क की प्रतिपूर्ति, निजी औद्योगिक पार्कों को सहयोग, पेटेंट व गुणवत्ता प्रमाणन के लिए सहायता शामिल हैं.
मुफ्त भूमि आवंटन की योजना
सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त भूमि आवंटन की भी घोषणा की है. इसके तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश और 1000 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार देने वाली इकाइयों को 10 एकड़ तक मुफ्त जमीन मिलेगी. 1000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली यूनिट्स को 25 एकड़ तक जमीन दी जाएगी और फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ तक मुफ्त जमीन देने का प्रस्ताव है. इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना होगा.
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किसान सलाहकारों के मानदेय में बढ़ोतरी
इंडस्ट्रियल पैकेज के अलावा, सरकार ने किसानों के हित में एक और अहम फैसला लेते हुए किसान सलाहकारों के मानदेय में बढ़ोतरी की है. अब किसान सलाहकारों को प्रतिमाह 21,000 रुपये मानदेय मिलेगा, जो पहले 13,000 रुपये था. यह फैसला 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा. सलाहकारों की कार्य अवधि भी 6 घंटे से बढ़ाकर 7 घंटे कर दी गई है. राज्य में कुल 7047 किसान सलाहकार कार्यरत हैं.
भूमि विवादों का समाधान प्राथमिकता पर
हाल ही में लागू की गई बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 के तहत औद्योगिक भूमि से जुड़े विवादों का समाधान किया गया है. अब BIPPP-2025 के तहत भी भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा, जिससे उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में कोई बाधा न हो.

