Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया अब पूरी होने वली है. एक दिन बाद सभी राजनीतिक दल उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने में जुटे है. इस बार राज्य में दो चरणों में मतदान होंगे-पहला 6 नवबंर को और दूसरा 11 नवंबर को. नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. पहले चरण में कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होना है, जिससे यह चरण राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है.
पहले चरण में 18 जिलों की सीटें शामिल
पहले चरण में गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, खगड़िया, बेगुसराय, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर जिलों में वोटिंग होगी. इन इलाकों में कई दिग्गज नेताओं की साख दांव पर है. पटना से लेकर बक्सर तक की सीटों पर एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है. प्रशासन ने मतदान केंद्रों की तैयारियां तेज कर दी हैं, जबकि सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर प्लानिंग जारी है.
प्रमुख विधानसभा क्षेत्र
पहले चरण के चुनाव में कई महत्वपूर्ण विधानसभा सीटें शामिल हैं-
सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया, नालंदा और पटना साहिब जैसी चर्चित सीटें प्रमुख हैं इसके अलावा, इस चरण में कुछ आरक्षित सीटें भी शामिल हैं, जैसे सिंहेश्वर (SC), सोनबरसा (SC), बखरी (SC), राजगीर (SC), फुलवारी (SC), मसौढ़ी (SC) और अगिआंव (SC).
राजनीतिक दृष्टिकोण से यह चरण इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें उत्तर बिहार से लेकर मगध और भोजपुर क्षेत्रों तक फैले इलाकों में मतदाताओं के रुझान का संकेत मिलेगा, जो आगामी चरणों की दिशा को प्रभावित कर सकता है.
उम्मीदवारों और पार्टियों की रणनीति
नामांकन की अंतिम तिथि से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल—जदयू, राजद, भाजपा, कांग्रेस और लोजपा- ने अपने अधिकांश प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. कई सीटों पर बागी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय होने की संभावना बन गई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण का मतदान आगामी चरणों के चुनावी माहौल को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है. यही कारण है कि सभी पार्टियां इस चरण में अपनी पूरी ताकत झोंकने की रणनीति पर काम कर रही हैं.
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