Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नज़दीक आते ही सियासी गलियारों में बयानबाज़ी का तूफ़ान उठ खड़ा हुआ है। हर पार्टी दूसरे पर जुबानी वार कर रही है। NDA और महागठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब अपने चरम पर है। मंगलवार को राजनीतिक माहौल तब और गरमाया जब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने RJD और तेजस्वी यादव पर करारा प्रहार किया।
लालू प्रसाद यादव विलन?
सम्राट चौधरी ने कहा- पहले बिहार की जनता लालू प्रसाद यादव को विलन मानती थी, अब तो RJD और तेजस्वी यादव भी मानने लगे हैं। यही वजह है कि महागठबंधन के घोषणापत्र और पोस्टरों में लालू यादव की तस्वीर तक गायब है। चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी अब खुद को नया चेहरा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अपने राजनीतिक विरासत से भाग नहीं सकते।
महागठबंधन का घोषणापत्र
इधर, JDU ने भी RJD पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा- ‘तेजस्वी यादव कहते हैं कि लालू यादव एक विचारधारा हैं, तो फिर उसी विचारधारा की तस्वीर पोस्टर से क्यों हटा दी गई? क्या उन्हें अपने माता-पिता लालू-राबड़ी के शासनकाल पर गर्व है या शर्म?’ नीरज कुमार ने आगे कहा कि महागठबंधन का घोषणापत्र ‘तेजस्वी प्रण’ नहीं बल्कि ‘तेजस्वी भ्रम’ है, जिसमें न विज़न है और न भरोसा।
कोई किसी से काम नहीं
उधर, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी महागठबंधन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि “जिन्हें मालूम है कि सत्ता में आना नहीं, वही ऐसे खोखले वादे करते हैं। चिराग के इस बयान पर विकासशील इंसान पार्टी (vip) के अध्यक्ष मुकेश साहनी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा- ‘किसी की बातों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। जो लोग विज़नलेस राजनीति कर रहे हैं, वही ऐसे बयान दे रहे हैं’।
बिहार की सियासत गरमाई
बयानबाज़ी के इस सिलसिले ने बिहार की सियासत को और गर्मा दिया है। एक तरफ NDA “लालू युग” को मुद्दा बना रहा है, तो दूसरी ओर महागठबंधन विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय की बात कर रहा है। लेकिन सवाल अब यह है कि बिहार की जनता पुराने चेहरों पर भरोसा करेगी या नए वादों पर दांव लगाएगी? चुनावी संग्राम में यह तय करेगा जनता का जनादेश।
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