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Bihar Election 2025 : AI जनरेटेड कंटेंट पर चुनाव आयोग सख्त, सोशल मीडिया पर रखी कड़ी नजर

Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को चेतावनी दी है कि वे चुनाव प्रचार के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित या भ्रामक डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल न करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि AI टूल्स के माध्यम से डीपफेक वीडियो या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश को आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

गौरतलब है कि राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है और पहले चरण की अधिसूचना शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को जारी की जाएगी। बिहार में मतदान दो चरणों 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी लागू होंगे आचार संहिता के नियम

आज (9 अक्टूबर) जारी अपने आधिकारिक बयान में आयोग ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधान इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली सभी चुनावी सामग्रियों पर समान रूप से लागू होंगे। आयोग ने राजनीतिक दलों को याद दिलाया कि वे अपने विरोधियों की आलोचना केवल नीतिगत और तथ्यात्मक मुद्दों तक सीमित रखें न कि झूठे आरोपों या तोड़-मरोड़कर पेश की गई सूचनाओं पर आधारित हो।

‘AI जनरेटेड’ कंटेंट पर देनी होगी स्पष्ट जानकारी

निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि अगर कोई पार्टी या उम्मीदवार AI-जनित, डिजिटल रूप से परिवर्तित या कृत्रिम रूप से तैयार सामग्री का उपयोग करता है, तो उसे स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि वह सामग्री “AI Generated”, “Digitally Enhanced” या “Synthetic Content” है। ऐसा न करने पर यह माना जाएगा कि सामग्री जानबूझकर मतदाताओं को गुमराह करने के उद्देश्य से साझा की गई है।

डीपफेक और झूठे वीडियो पर सख्त कार्रवाई

आयोग ने कहा कि AI की मदद से फर्जी वीडियो या डीपफेक तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के प्रयास चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और दोषी पाए जाने वाले दलों या उम्मीदवारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मतदाताओं को गुमराह करने वाले कंटेंट पर रोक

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे चुनावी प्रचार की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना या भ्रामक प्रचार से मतदाताओं को प्रभावित न किया जा सके।

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गौरतलब है कि आयोग (Bihar Election 2025) ने इस साल जनवरी में राजनीतिक दलों को एक परामर्श भेजा था, जिसमें AI तकनीक के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की बात कही गई थी।

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