होम = State = बिहार = नालंदा में भीड़ ने मंत्री को दौड़ाया तो पटना में पुलिस पर हमला…चुनाव से पहले बिहार में बढ़ा तनाव

नालंदा में भीड़ ने मंत्री को दौड़ाया तो पटना में पुलिस पर हमला…चुनाव से पहले बिहार में बढ़ा तनाव

by | Aug 27, 2025 | बिहार

Bihar Crime : बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले माहौल गरमाने लगा है. बुधवार को नालंदा और पटना में हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने राज्य के कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. नालंदा के हिलसा में ग्रामीणों ने बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार को खदेड़ दिया,वहीं पटना के गर्दनीबाग में एक स्कूल छात्रा के आत्मदाह के प्रयास की जांच करने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने हमला कर दिया.

नालंदा में मंत्री पर जनता का गुस्सा

नालंदा जिले के हिलसा में बुधवार सुबह उस समय हंगामा हो गया,जब राज्य सरकार के मंत्री श्रवण कुमार एक सड़क हादसे में मारे गए नौ लोगों के परिजनों से मिलने पहुंचे. ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपनी समस्याएं और मुआवजे की मांग मंत्री के सामने रखना चाहते थे,लेकिन श्रवण कुमार ने उनकी बात सुनने के बजाय वहां से जाने की कोशिश की. इससे नाराज ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और मंत्री को गांव से खदेड़ दिया. ग्रामीणों का कहना है कि मंत्री को उनके साथ बैठकर संवाद करना चाहिए था. इस दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी भीड़ में शामिल हो गए,जिससे स्थिति और बिगड़ गई. आखिरकार, मंत्री को किसी तरह अपनी जान बचाकर गांव से निकलना पड़ा.

पटना में पुलिस पर हमला

दूसरी ओर पटना के गर्दनीबाग में एक नाबालिग स्कूल छात्रा द्वारा आत्मदाह के प्रयास की घटना ने तूल पकड़ लिया. अमला टोला बालिका विद्यालय की छात्रा ने स्कूल में खुद को आग लगाने की कोशिश की थी,जिसके बाद उसे गंभीर हालत में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया. घटना के बाद गुस्साए लोगों ने स्कूल में हंगामा शुरू कर दिया. जांच के लिए स्कूल पहुंची पुलिस पर भीड़ ने हमला बोल दिया. स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और गर्दनीबाग थाने के SHO की पिटाई कर दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया.

चुनावी माहौल में बढ़ी चुनौती

इन घटनाओं ने बिहार में चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. हालांकि, इन घटनाओं ने एक बार फिर बिहार की पुरानी छवि को उजागर कर दिया है, जहां गुस्साई भीड़ और हिंसक विरोध आम बात हो गई है.