Bihar Election Phase 2 Voting: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान आज जारी है। इस चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जिन पर कुल 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 1167 पुरुष, 134 महिला और एक थर्ड जेंडर उम्मीदवार शामिल हैं। आज के मतदान के साथ ही इन सभी प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद हो जाएगी।
चार अलग-अलग समय स्लॉट
इस चरण की 122 सीटों पर मतदान चार अलग-अलग समय स्लॉट में हो रहा है। इमामगंज (SC) सीट के 7 बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक वोटिंग होगी। 354 केंद्रों पर मतदान सुबह 7 से शाम 4 बजे तक चलेगा, जबकि अन्य बूथों पर शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। बोधगया (SC) सीट के कुछ बूथों पर वोटिंग का समय अलग-अलग तय है, 215 से 414 नंबर बूथों पर शाम 4 बजे तक और 109 से 214 बूथों पर शाम 5 बजे तक मतदान होगा। बाकी सभी 102 सीटों पर वोटिंग का समय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक रहेगा।
सबसे ज्यादा उम्मीदवार वाले क्षेत्र
दूसरे चरण में 3.68 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिनमें 1.94 करोड़ पुरुष, 1.74 करोड़ महिलाएं और 967 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। मतदान के लिए राज्यभर में 45,371 बूथ बनाए गए हैं। एक बूथ पर औसतन 818 मतदाता दर्ज हैं। सबसे अधिक उम्मीदवार वाले क्षेत्र हैं- गया टाउन, सासाराम और चैनपुर, जहां 22-22 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं सबसे कम उम्मीदवारों वाली सीटें हैं त्रिवेणीगंज, लौरिया और सुगौली, जहां सिर्फ 5-5 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं।
मतदान केंद्रों पर सभी सुविधाएं
चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर पीने के पानी, शौचालय, प्रतीक्षालय और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर हैं ताकि व्हीलचेयर पर आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता आसानी से मतदान कर सकें। दिव्यांग मतदाता ECINET के सक्षम मॉड्यूल पर रजिस्टर कर व्हीलचेयर सुविधा की मांग कर सकते हैं। दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि में डमी बैलेट शीट की व्यवस्था की गई है, ताकि वे स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें।
महिलाओं की भागीदारी
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोलिंग स्टेशन के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था की गई है। 100 मीटर के दायरे में फोन ऑन रखना प्रतिबंधित है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से इस चरण में कई पोलिंग स्टेशन पूरी तरह महिला और दिव्यांग अधिकारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि हर मतदाता के लिए सुरक्षित, सुलभ और पारदर्शी मतदान माहौल सुनिश्चित किया गया है।
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