JDU Candidate List For Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जिस लिस्ट का बेसब्री से सभी को इंतेज़ार था, वो लिस्ट आखिरकार आ ही गई। JDU ने अपनी लिस्ट में जहां चिराग पासवान को चोट मारी तो वहीं बाहुबलियों पर भी भरोसा जताया है।
JDU ने बुधवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने 57 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में चिराग पासवान की डिमांडेड सीटों पर सीधी चोट मारी गई। इसके अलावा JDU के उम्मीदवारों की लिस्ट में कुछ नाम देख राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज़ है।
नीतीश ने चिराग़ पर मारी चोट
पहले तो JDU ने चिराग पासवान के दावे वाली पांच सीटों पर भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं JDU की लिस्ट में तीन बाहुबली नेताओं के नाम भी हैं। इसको राजनीति की भाषा में कहें तो JDU के उम्मीदवारों की सूची में 3 प्रभावशाली और विवादित छवि वाले नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि 10 अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को टिकट देकर पार्टी ने सामाजिक समीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है।
इन बाहुबलियों को मिला JDU का टिकट
पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार, मोकामा से अनंत सिंह, एकमा से धुमल सिंह और कुचाएकोट से अमरेंद्र सिंह पांडे को टिकट दिया गया है। ये तीनों अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावशाली माने जाते हैं। उल्लेखनीय है कि अनंत सिंह ने मंगलवार को ही नामांकन दाखिल कर लिया था। नीतीश कुमार ने पहली ही सूची जारी कर सहयोगी और विरोधियों को चौंका कर रख दिया है।
18 विधायकों को मिला फिर से मौका, 2 के कट गए टिकट
पहली सूची में 18 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया गया है, जबकि दो विधायकों के टिकट काटे गए हैं। JDU ने चिराग पासवान के दावे वाली पांच सीटों पर भी अपने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं जिनमें सोनबरसा, अलौली, राजगीर, एकमा और मोरवा शामिल हैं। मंत्री महेश्वर हजारी का टिकट कटने की अटकलों को पार्टी ने खारिज करते हुए उन्हें फिर से कल्याणपुर से प्रत्याशी बनाया है। उल्लेखनीय है कि हजारी के बेटे ने लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस के टिकट पर समस्तीपुर (सुरक्षित) सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रत्याशी शांभवी के सामने हार का स्वाद चखना पड़ा। आपको बता दें JDU इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि 2020 में उसने 115 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 43 सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार सीटों की संख्या से ज्यादा ध्यान उन सीटों पर केंद्रित किया है, जहां जीत की संभावना अधिक मानी जा रही है।
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