Baba Bageshwar Statement: एमपी के बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने ‘विशेष सहायकों/चेलों’ पर नाराज़गी जाहिर की है, साथ ही लोगों से सावधान रहने के लिए कहा है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लोगों से साफ कहा है कि आप हमारे चेलों के चक्कर में बिल्कुल भी न पड़ें, क्योंकि ये चेले ही हैं जो लुटिया डुबातें है, चाहें वो बाबा हो या फिर कोई नेता।
ये है पूरा मामला
बता दें कि, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज कल अपने चेले-चपाटों से काफी परेशान चल रहे हैं। क्योंकि बाबा के सामने कई बार ऐसी शिकायतें आईँ है कि उनके चेले बाबा से मिलाने के नाम पर लोगों से भारी रकम लेते हैं। जबसे बाबा के सामने अपने चेलों की असलियत आई है, तबसे वो अपने प्रशंसकों और भक्तों से ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील कर रहे हैं। अपने चेलों की हरकतों से बाबा बहुत नाराज़ चल रहे हैं। इतना ही के बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री साफ शब्दों में अपनी नाराज़गी भी जाहिर की है।
धीरेंद्र शास्त्री ने साफ तौर पर कहा है कि चेले-चपाटे और ‘विशेष सहायक’ ही बाबाओं और नेताओं की लुटिया डुबोते हैं, इसलिए चेलों के चक्कर में कभी नहीं फँसना है। ये चेले तो होते नहीं हैं बस प्रभाव के कारण चेले बन जाते हैं। न माला जपना न भजन, बस लुंगी पहन और टीका लगाने से चेला नहीं बनते। चेला/शिष्य वही होता है जिसके आचरण में गुरु के विचारों की झलक हो, शिष्य वह जिसके अंदर से गुरु की आवाज़ निकले।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ली दो लोगों की जिम्मेदारी
पंडित शास्त्री ने आगे कहा कि हमारी ज़िम्मेदारी सिर्फ दो लोगों की है। एक मंदिर में बैठे बालाजी और दूसरी खुद की। हमें हनुमान जी ने सनातन के काम के लिए भेजा है लेकिन हम मायाजाल में फँस गए। अब किसी प्रकार का कोई बड़ा प्रोजेक्ट, फोटो, जी हुज़ूरी हो या न हो, लेकिन अब काम ईमानदारी से होगा। अब सनातन धर्म के प्रति सच्चाई से काम करेंगे।
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जानकारी के लिए बता दें कि कई बार लोगों ने ऐसे आरोप लगाएं हैं कि बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात करने के लिए उनके चेले-चपाटे रूपयो की मांग करते हैं और उसके बाद की बाबा से मुलाकात करने की बात कहते है, वहीं बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कहना है कि उनसे मुलाकात करने के लिए या उनके धाम पर आने के लिए पैसे खर्च करने की या किसी को देने की कोई जरूरत नहीं है।

