Yogi Adityanath Japan visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद अब जापान के दौरे हैं। उनके जापान दौरे की शुरुआत राजधानी टोक्यो में गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ हुई। सीएम योगी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देना है। टोक्यो पहुंचने पर उनका स्वागत यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों ने किया। राज्य सरकार के अनुसार, यह यात्रा उत्तर प्रदेश और जापान के बीच रणनीतिक व आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यूपी को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
लॉजिस्टिक्स और मेडिकल डिवाइस सेक्टर पर जोर
टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने कोनोइक ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर शिगेकी तनाबे भी मौजूद रहे। बैठक में उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कंपनी को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने राज्य में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क के संदर्भ में मेडिकल उपकरण निर्माण क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश तेजी से उभरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है और यहां निवेश के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर में साझेदारी की पहल
जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मित्सुई एंड कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर काजुकी शिमिजु सहित अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस बैठक में बुनियादी ढांचा निर्माण परियोजनाओं में संभावित साझेदारी पर विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा, उन्होंने ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में सहयोग की संभावनाओं को लेकर Honda और Suzuki के शीर्ष नेतृत्व से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक नीतियां निवेशकों के लिए सरल और पारदर्शी हैं, जिससे वैश्विक कंपनियों को विस्तार के पर्याप्त अवसर मिल सकते हैं।
1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य
टोक्यो में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन इशिगुरो नोरिहिको से भी मुलाकात कर व्यापार और निवेश साझेदारी को सशक्त बनाने पर चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है, जो निवेश अनुकूल नीतियों और सुशासन का परिणाम है।
सुरक्षित निवेश वातावरण
उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोडशो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 56 प्रतिशत आबादी कार्यशील आयु वर्ग में है। यह बड़ा और कुशल मानव संसाधन हर क्षेत्र के उद्योगों के लिए उपलब्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत है और निवेश पूरी तरह सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जापानी निवेशकों के लिए ‘जापान इंडस्ट्रियल सिटी’ विकसित की जा रही है। उन्होंने जापानी उद्योगपतियों को उत्तर प्रदेश आकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का निमंत्रण दिया। उनका कहना था कि राज्य में स्केल, स्किल और सुरक्षा—तीनों का बेहतर संयोजन मौजूद है, जो निवेशकों के लिए भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है।

