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ADGP Suicide: चंडीगढ़ में हुआ IPS पूरण कुमार का अंतिम संस्कार, आठ दिन बाद सरकार को मिली राहत

by | Oct 15, 2025 | State, हरियाणा

हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में पोस्टमार्टम को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को खत्म हो गया। इतना  विवाद होने के बाद पूरन कुमार के परिवार ने अंत में शव का पोस्टमार्टम करवाने की मंजूरी दे दी है। जानकारी के लिए बता दें कि मृतक का परिवार बीते कई दिनों से निष्पक्ष जांच और सुसाइड नोट में नामजद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था और इसी को लेकर परिवार पोस्टमार्टम के लिए इंकार कर रहा था।

वीडियोग्राफी की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम

बीते कई दिनों से प्रशासन परिवार के लोगों को समझाने की कोशिश कर रहा था और लगातार बातचीत के बाद दोनों के बीच सहमति बनी, और वीडियोग्राफी की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। बता दें कि पोस्टमार्टम लगभग चार घंटे चला था।

पोस्टमार्टम के बाद आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, में अंतिम संस्कार की पूरी रस्में चंडीगढ़ के सेक्टर-25 के श्मशान घाट में पूरी की गईं। अधिकारी के  अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट के बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात रही। इसके साथ ही एडीजीपी के अंतिम संस्कार में ब्यूरोक्रेसी से राजेश खुल्लर, सुधीर राजपाल, पंकज गुप्ता, डीजीपी ओपी सिंह, समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे।

पीजीआई चंडीगढ़ ने दी जानकारी  

वहीं पीजीआई चंडीगढ़ की तरफ से कहा गया है कि हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार का पोस्टमार्टम विधिवत गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट विशेष जांच दल (एसआईटी) के जांच अधिकारी को सौंपी जाएगी। पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। आगे कहा कि एडीजीपी आत्महत्या मामले में नौ दिन बाद हरियाणा सरकार ने भी राहत की सांस ली है।

31 सदस्यीय कमेटी का पैदल मार्च हुआ रद्द

31 सदस्यीय कमेटी के सदस्य रेशम सिंह ने बताया कि सेक्टर 17 चंडीगढ़ से तय पैदल मार्च रद्द कर दिया गया है। इसके लिए मीटिंग करेंगे, फिर आगे का फैसला लेंगे। रेशम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से परिवार को न्याय नहीं किया गया है, लेकिन सामाजिक और मानवता के नाते पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया है।

निष्पक्ष जांच होगी

अमनीत पी कुमार की तरफ से कहा गया कि यूटी पुलिस द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के आश्वासन और हरियाणा सरकार द्वारा आरोपी अधिकारियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्होंने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी है।

समय पर पोस्टमार्टम के साक्ष्यगत महत्व और न्याय के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, गठित चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा, एक बैलिस्टिक विशेषज्ञ की उपस्थिति में, एक मजिस्ट्रेट की देखरेख में, और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के साथ कराने पर सहमति व्यक्त की है।

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उन्होंने कहा कि मुझे न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, और मुझे पूरी उम्मीद है कि जांच पेशेवर, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से की जाएगी, ताकि कानून के अनुसार सच्चाई सामने आ सके। जांच दल को मेरा पूरा सहयोग मिलता रहेगा ताकि प्रक्रिया में तेजी आए और जल्द से जल्द न्याय मिले। जांच जारी रहने के मद्देनजर, इस समय कोई और सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया जाएगा और मैं मीडिया से अनुरोध करती हूं कि वे मामले की संवेदनशीलता का सम्मान करें।

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