Indore IAS officer raid: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में पुलिस ने आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य और उनके परिवार के कथित फार्महाउस पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित जुआ खेलने के आरोपों के चलते की गई, जिसमें 18 लोगों को हिरासत में लिया गया। वंदना वैद्य वर्तमान में राज्य सरकार के मध्य प्रदेश वित्तीय विकास निगम की प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
फार्महाउस में छापेमारी
पुलिस ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को अवलीपुरा गांव के फार्महाउस पर छापा मारा, जो जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 18 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि छह अन्य मौके से भागने में सफल रहे।
इस दौरान पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए आरोपियों के पास से 30 मोबाइल फोन, ताश के पत्ते और 13.68 लाख रुपये नकद बरामद किए। फार्महाउस का मुख्य द्वार बंद था, लेकिन कथित रूप से अंदर जुआ खेला जा रहा था।
आरोप और फरार मुख्य आरोपी
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता और जुआ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मुख्य आरोपी जगदीश राठौड़ उर्फ कुबड़ा कथित रूप से फार्महाउस में जुआ का आयोजन कर रहा था। इसके अलावा केयरटेकर रणजीत चौधरी और कुछ अन्य आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए।
आईएएस अधिकारी की प्रतिक्रिया
छापेमारी के बाद आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य ने पुलिस को पत्र लिखकर कहा कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनके फार्महाउस में अवैध रूप से प्रवेश किया और चोरी की आशंका भी है। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ अलग से आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया कि आईएएस अधिकारी की शिकायत की जांच की जाएगी। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदिग्ध व्यक्ति संपत्ति में कैसे दाखिल हुए।
घटना के मद्देनजर, मानपुर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर, बीट प्रभारी सब-इंस्पेक्टर और एक सहायक सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने तक सभी पक्षों की जानकारी जुटाई जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी का असर
इस छापेमारी के बाद इलाके में हलचल मची हुई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अपराधियों को कानून के अनुसार सजा मिले और आईएएस अधिकारी और उनके परिवार की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

