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Yuvraj Singh : युवराज के पिता का छलका दर्द, बेटे के लिए की बहुत मेहनत

युवराज सिंह को भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक हैं, उनकी इस सफलता में  उनके पिता, पूर्व क्रिकेटर और अभिनेता योगराज सिंह का काफी बड़ा योगदान था। युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने हाल ही में अपने जीवन के ऐसे मोड़ के बारे में खुलासा किया है, जिससे उनके और युवराज के रिश्ते की अलग ही कहानी सामने आई है। इतना ही नहीं इस खुलासे ने दोनों के हमेशा के लिए बदल कर रख दिया है।

युवराज सिंह के पिता ने कही दिल की बात

योगराज सिंह ने अनटोल्ड पंजाब को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी जिंदगी पूरी तरह से तब बदल गई जब उनके बेटे युवराज सिंह ने जवानी में उन्हें छोड़कर अपनी मां शबनम सिंह के साथ रहने का फैसला किया। योगराज ने खुलासा किया कि जब युवराज ने भारत के लिए डेब्यू किया था, तब वह जेल में थे, लेकिन उन्होंने ने ठाना था कि वह अपने बेटे को एक दिग्गज क्रिकेटर बनाकर रहेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि जब उनकी पूर्व पत्नी और युवराज उनका घर छोड़कर चले गए, तब वो बिल्कुल अकेले पड़ गए और उनका जीवन और भी नियंत्रण से बाहर हो गया। योगराज ने भावुक होते हुए कहा कि ‘मैं एक पापी हूं,  मैंने अपनी जिंदगी में बहुत गलतियां की हैं। मैं सारी जिंदगी तकलीफ झेलता रहा, लेकिन जिस दिन युवी और उसकी मां ने मुझे छोड़ा, मेरी जिंदगी पलट गई। पर शायद यह होना ही था।

युवराज सिंह को पिता का फूटा दर्द

मुझे लगता है कि यह भगवान ने मुझे सिखाने के लिए किया।’ बेटे के जाने के बाद अकेलेपन के सवाल पर योगराज ने कहा कि भले ही वह ही सीमित नहीं थी, बल्कि यह उनके माता-पिता के निजी जीवन की जटिलताओं से भी जुड़ी हुई थी। इन चुनौतियों के बावजूद, योगराज सिंह ने युवराज को उस मुकाम तक पहुंचाया, जहां वह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच-विनर में से एक हैं।

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युवराज सिंह के पिता ने आगे कहा कि ‘जिस पिता ने खून-पसीना बहाकर, आंसू बहाकर इतनी ऊंचाई तक पहुंचाया, वो तुम्हारे बाबा से कम कैसे हो सकता है? कैसे?  जिस आदमी ने चार परिवारों का पालन-पोषण किया, उनके लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया, जिसने कभी एक पल भी चैन नहीं लिया, जिसने खुद पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया, तुम उससे मुंह मोड़कर दूसरे बाबा की शरण में चले गए?  तुमने अपने पिता के लिए कभी कुर्ता-पायजामा नहीं खरीदा,  लेकिन बाबा को 15 लाख की घड़ी भेंट कर दी?

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