भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने किसी बड़े बदलाव की औपचारिक पुष्टि तो नहीं की, लेकिन उनकी ताजा प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साफ संकेत दे दिए कि टीम प्रबंधन अहम मुकाबले से पहले बल्लेबाजी संयोजन पर गंभीरता से विचार कर रहा है। चर्चाओं के केंद्र में विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का नाम प्रमुखता से उभरा है।
टूर्नामेंट में भारत की बल्लेबाजी खासकर शीर्ष क्रम का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा है। शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आई है। हालांकि कोटक ने इसे घबराहट की स्थिति मानने से इनकार किया। उनका कहना था कि यह समीक्षा प्रक्रिया सामान्य रणनीतिक सोच का हिस्सा है, जो विपक्षी टीम की ताकत और मैच परिस्थितियों को ध्यान में रखकर की जाती है, न कि किसी जल्दबाजी में उठाया गया कदम।
बदलाव की संभावना पर खुला रुख
जब कोटक से सीधे पूछा गया कि क्या सैमसन को लेकर चर्चा हुई है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में स्वीकार किया कि इस विषय पर बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, “हां, बदलाव संभव हैं और इस पर चर्चा भी हुई है।” यह बयान इस बात का संकेत था कि टीम प्रबंधन संभावित संयोजन में फेरबदल के लिए दरवाजा बंद नहीं कर रहा।
उन्होंने बल्लेबाजी क्रम की संरचना पर भी प्रकाश डाला। वर्तमान संयोजन में दो बाएं हाथ के ओपनर और नंबर तीन पर भी बाएं हाथ का बल्लेबाज होने की बात उन्होंने स्वीकार की। कोटक ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं दिखती, लेकिन जब पिछले तीन मैचों में टीम ने शुरुआत में ही तीन विकेट गंवाए हों, तो स्वाभाविक है कि किसी भी टीम को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़े। उनके अनुसार, यह सोच-विचार भविष्य की योजना का हिस्सा है।
प्लेइंग इलेवन पर जल्दबाजी नहीं
कोटक ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन मैच से काफी पहले अंतिम एकादश तय करने में विश्वास नहीं रखता। उन्होंने कहा कि योजनाओं को सार्वजनिक करना रणनीतिक दृष्टि से सही नहीं होता। हालांकि, उन्होंने यह दोहराया कि संभावित बदलावों पर विचार अवश्य किया जा रहा है।
उनकी बातों से यह स्पष्ट था कि शीर्ष क्रम में स्थिरता लाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा हो रही है। लेकिन उन्होंने किसी खिलाड़ी के चयन या बहिष्कार को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं दिया।
नेट अभ्यास से संकेत नहीं
मीडिया में यह चर्चा थी कि हालिया नेट सत्र में सैमसन ने शुरुआत में बल्लेबाजी की, जबकि अभिषेक शर्मा गेंदबाजी कर रहे थे। इसे संभावित बदलाव का संकेत माना गया। इस पर कोटक ने कहा कि नेट अभ्यास को प्लेइंग इलेवन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सैमसन तीसरे ओपनर और विकेटकीपर विकल्प के तौर पर अक्सर बल्लेबाजी अभ्यास करते हैं, इसलिए इसमें असामान्य कुछ भी नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सैमसन को खिलाने के बारे में निश्चित रूप से सोचा जाएगा। यह टिप्पणी दर्शाती है कि टीम प्रबंधन उन्हें एक गंभीर विकल्प के रूप में देख रहा है।
संतुलन और विश्वास की कोशिश
टूर्नामेंट के दबाव भरे माहौल में कोटक की टिप्पणियां यह दर्शाती हैं कि प्रबंधन संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। एक ओर टीम आत्मविश्वास बनाए रखना चाहती है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के आधार पर विकल्प खुले रखना भी जरूरी समझा जा रहा है।

