होम = Cover Story Global = कई विदेशी टीमों में भारतीय खिलाड़ी बढ़ा रहे देश का गौरव…पीएम मोदी ने मन की बात में क्यों लिया कनाडा की टीम का नाम

कई विदेशी टीमों में भारतीय खिलाड़ी बढ़ा रहे देश का गौरव…पीएम मोदी ने मन की बात में क्यों लिया कनाडा की टीम का नाम

Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 22 फरवरी को ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने इस मौके पर दिल्ली में आयोजित ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट में भारत की तकनीकी उपलब्धियों और वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने बताया कि इस समिट में दुनिया को AI के क्षेत्र में भारत की अद्भुत क्षमताएं देखने को मिलीं और तीन मेड इन इंडिया AI मॉडल भी लॉन्च किए गए। उन्होंने इसे अब तक की सबसे बड़ी AI समिट बताया, जिसने वैश्विक तकनीकी मंच पर भारत की उपस्थिति और नवाचार क्षमता को उजागर किया।

विदेशी टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री मोदी ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि कई विदेशी टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ी खेलते हुए देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल का उदाहरण दिया, जो गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीम के लिए खेल चुके हैं। इसके अलावा अमेरिका की टीम में मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह, दिल्ली के मिलिंद कुमार जैसे कई खिलाड़ी शामिल हैं।

ओमान की टीम में भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों में क्रिकेट खेला। इसके अलावा न्यूजीलैंड, UAE और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मौजूदगी है। पीएम मोदी ने कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह संस्कृतियों और देशों को जोड़ने का माध्यम भी हैं।

खेल और संस्कृति का संगम

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उन खिलाड़ियों का जिक्र किया, जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं और जो विदेशों की राष्ट्रीय टीमों में खेलते हुए भी भारतीय मूल्यों और संस्कृति से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं और खेल के माध्यम से भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करते हैं।

एआई समिट का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समिट में दो उत्पादों ने वैश्विक नेताओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर प्रदर्शित किया गया। इसमें दिखाया गया कि कैसे AI की मदद से पशुओं का इलाज किया जा सकता है और किसान 24×7 AI सहायक के माध्यम से अपनी डेयरी और पशुओं का रिकॉर्ड रख सकते हैं। यह तकनीक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभरी।

दूसरा उत्पाद भारत की संस्कृति और ज्ञान पर केंद्रित था। पीएम मोदी ने बताया कि कैसे AI के माध्यम से भारत अपनी प्राचीन पांडुलिपियों और ग्रंथों को संरक्षित कर रहा है और उन्हें आज की पीढ़ी के लिए पढ़ने योग्य और मशीन द्वारा समझने योग्य बना रहा है। प्रदर्शनी में विशेष रूप से सुश्रुत संहिता की पांडुलिपियों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें उनकी छवियों की गुणवत्ता सुधारकर उन्हें डिजिटल टेक्स्ट में बदला गया। यह पहल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का उदाहरण है।

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