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क्या थी अंपायर स्टीव बकनर की वो गलती? जिसपर 22 साल बाद हो रहा पछतावा

by | Feb 24, 2026 | क्रिकेट, खेल

Sachin Tendulkar controversial dismissal: भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के करियर के दौरान, वेस्ट इंडीज के प्रतिष्ठित अंपायर स्टीव बकनर ने कई बार उन्हें विवादास्पद तरीके से आउट दिया। 1990 और 2000 के दशक में बकनर के ये फैसले भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गए थे।

ब्रिसबेन टेस्ट का कुख्यात निर्णय

सबसे यादगार और विवादित घटना 2003-04 में बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के ब्रिसबेन टेस्ट की थी। इस मैच की पहली पारी में तेंदुलकर ने तीन रन बनाकर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। गेंद उनके स्टंप्स के काफी ऊपर से जा रही थी, लेकिन बकनर ने आउट का फैसला कर दिया। उस समय डीआरएस (रिव्यू) की सुविधा नहीं थी, इसलिए तेंदुलकर के पास कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने फैसले पर सवाल उठाए बिना पवेलियन लौटकर स्थिति को स्वीकार किया, हालांकि इस निर्णय ने उन्हें काफी झटका दिया।

बकनर ने अपनी गलती कबूल की

करीब 20 साल बाद बकनर ने इस घटना को लेकर अपनी गलती स्वीकार की। वेस्ट इंडीज क्रिकेट अंपायर एसोसिएशन के साथ एक साक्षात्कार में 79 वर्षीय बकनर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर को लेग बिफोर आउट देना मेरी गलती थी। जीवन में गलतियां होती रहती हैं। मैंने इसे स्वीकार कर लिया है और जिंदगी चलती रहती है। इस फैसले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑन-एयर कमेंटेटर टोनी ग्रेग ने इसे “भयानक फैसला” करार दिया था और गेंद की गति व उछाल पर जोर देते हुए इसे गलत ठहराया।

विवाद के पीछे की घटना

ब्रिसबेन टेस्ट में यह विवाद तब पैदा हुआ जब तेंदुलकर ने तेज गेंद को छोड़ने की कोशिश की। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जेसन गिलेस्पी और उनकी टीम ने अपील की, और बकनर ने सोच-समझकर आउट का इशारा कर दिया। रिप्ले में स्पष्ट हुआ कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से गुजर रही थी, जिससे भारतीय टीम और फैंस को महसूस हुआ कि उनके साथ अन्याय हुआ है।

अन्य विवादित फैसले

यह घटना अकेली नहीं थी। दो साल बाद भारत-पाकिस्तान मैच में बकनर ने तेंदुलकर को आउट करार दिया, जबकि गेंद उनके बल्ले के पास से बिना संपर्क किए निकल गई थी। पाकिस्तानी खिलाड़ियों की हल्की अपील पर भी बकनर ने आउट देने में देर नहीं लगाई।

तेंदुलकर का प्रतिक्रिया

इन विवादित फैसलों के बावजूद सचिन तेंदुलकर कभी प्रभावित नहीं हुए। उन्होंने एक बार रेडिट के ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन में मजाक में कहा कि अगर बल्लेबाजी कर रहे अंपायर को दस्ताने पहना दो, ताकि वह अपनी उंगली न उठा सके।

इस तरह, बकनर के विवादित फैसलों ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच लंबे समय तक चर्चा पैदा की, जबकि तेंदुलकर की शांति और खेल भावना उन्हें हमेशा अलग बनाती रही।

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