विशाखापत्तनम: भारत ने शनिवार (6 दिसंबर) को विजाग के एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह जीत भारतीय टीम के दबदबे को दर्शाती है, जिसने सीरीज के फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन किया।
दक्षिण अफ्रीका की पारी: डिकॉक का शतक
टॉस जीतकर भारतीय कप्तान ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जिसका मुख्य कारण मैदान पर ओस (dew) का प्रभाव था। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने रेयान रिकेल्टन को जल्दी आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। हालांकि, इसके बाद क्विंटन डी कॉक (106 रन, 89 गेंद) ने अपने करियर का 23वां शतक जड़ते हुए कप्तान टेम्बा बावुमा (48 रन) के साथ 113 रन की साझेदारी की, जिससे मेहमान टीम एक मजबूत स्थिति में पहुँच गई थी।
लेकिन, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव की शानदार वापसी वाली गेंदबाजी के आगे अफ्रीकी टीम की रन गति धीमी पड़ गई और वे 50 ओवर में 270 रनों पर सिमट गए। गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में विकेट निकालकर दक्षिण अफ्रीका को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
भारत की शानदार जीत
271 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने सिर्फ एक विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और 9 विकेट की धमाकेदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया।
यह जीत न केवल सीरीज निर्णायक थी, बल्कि टीम इंडिया के लिए एक आत्मविश्वास बढ़ाने वाली थी, खासकर तब जब दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक ने अपनी 23वीं वनडे सेंचुरी लगाकर चुनौती पेश की थी।

