Vijaya Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत पावन माना जाता है। इसे भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है। साल में कुल 24 एकादशी आती हैं, जिनमें से हर एक का अपना विशेष महत्व है। फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी पर पड़ने वाली विजया एकादशी विशेष रूप से शत्रुओं पर विजय पाने और समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि श्रीराम ने भी इस व्रत का पालन किया था।
इस वर्ष लोगों में यह संशय है कि विजया एकादशी 12 फरवरी को है या 13 फरवरी को। आइए जानते हैं इस साल की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
विजया एकादशी 2026 की तिथि
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी 12 फरवरी दोपहर 12:22 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी दोपहर 02:25 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए इस साल व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा और अगले दिन पारण किया जाएगा।
विजया एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:09 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से 03:12 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:08 से 06:24 बजे तक
विजया एकादशी पूजा विधि
व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और जल लेकर व्रत संकल्प लें। एक वेदी बनाकर उस पर सात अनाज रखें और उसके ऊपर कलश स्थापित करें। कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें।
भगवान को पीले फूल, ऋतु फल, तुलसी के पत्ते और पंचामृत अर्पित करें
धूप-दीप जलाएं, घी का दीपक प्रज्वलित करें
मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें
व्रत कथा पढ़ें या सुनें
अंत में भगवान विष्णु की आरती कर पूजा समाप्त करें
माना जाता है कि इस व्रत के पालन से शत्रुओं पर विजय मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
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