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Holi जैसी धूम Thailand में भी! जानिए Songkran Festival क्यों है इतना खास?

Thailand Songkran festival: जब भी रंगों के त्योहार की बात होती है, तो सबसे पहले भारत की होली याद आती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि थाईलैंड में भी एक ऐसा त्योहार मनाया जाता है, जो मस्ती, पानी, डांस और सड़क पर जश्न के मामले में होली से काफी मिलता जुलता है। थाईलैंड में इसे होली नहीं कहा जाता, बल्कि यह वहां का पारंपरिक त्योहार है Songkran Festival। इसे कई लोग “ वाटर होली ” भी कहते हैं, लेकिन इसके पीछे की कहानी और परंपरा बेहद खास है।

थाईलैंड में होली नहीं, ‘Songkran’ मनाया जाता है

थाईलैंड में भारत की तरह गुलाल उड़ाने वाली होली नहीं होती। वहां अप्रैल के महीने में मनाया जाता है Songkran Festival। यह थाईलैंड का नया साल माना जाता है ,और पूरे देश में बड़े स्तर पर मनाया जाता है।

Songkran का मतलब क्या होता है

Songkran शब्द संस्कृत के शब्द “संक्रांति” से जुड़ा माना जाता है। इसका मतलब होता है सूर्य का राशि परिवर्तन। यही वजह है कि Songkran सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि परंपरा और बदलाव का प्रतीक भी है।

Songkran में लोग पानी क्यों डालते हैं

Songkran की सबसे खास पहचान है पानी की लड़ाई वाटर होली लेकिन इसका असली कारण सिर्फ मज़ा नहीं है। पुराने समय में लोग बड़ों के हाथों पर हल्का पानी डालकर आशीर्वाद लेते थे, घरों और मंदिरों की सफाई करते थे, बुद्ध की मूर्तियों को पवित्र जल से धोते थे। यानी पानी डालने की परंपरा का मूल मतलब था, पाप और नकारात्मकता को धोकर नए साल की शुरुआत करना।

कम लोग जानते हैं Songkran में पानी के साथ सफेद पाउडर की भी परंपरा है

बहुत से लोग सोचते हैं कि Songkran सिर्फ पानी वाला त्योहार है। लेकिन थाईलैंड के कुछ इलाकों में लोग एक-दूसरे के चेहरे पर हल्का सफेद पाउडर भी लगाते हैं। इसे आमतौर पर टैल्कम पाउडर या हल्का सुगंधित पाउडर की तरह इस्तेमाल किया जाता है। यह परंपरा मानी जाती है कि यह शुभता का संकेत है। यानीथाईलैंड में “रंगों” की जगह पानी और पाउडर वाली परंपरा दिखती है।

 थाईलैंड में Songkran कब मनाया जाता है

Songkran हर साल आमतौर पर 13 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच मनाया जाता है। कुछ शहरों में यह उत्सव लंबे समय तक भी चलता है, खासकर पर्यटक स्थल पर।

थाईलैंड में होली नहीं होती, लेकिन वहां का Songkran Festival रंगों के त्योहार जैसी ही खुशी और उत्साह लेकर आता है। यह त्योहार पानी, परंपरा, नए साल और शुभ शुरुआत का प्रतीक है। और सबसे खास बात बहुत से लोगों को यह नहीं पता कि Songkran में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि कुछ जगहों पर हल्का सफेद पाउडर लगाने की परंपरा भी है, जो इसे और भी दिलचस्प बनाती है।

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