Shukra Pradosh Vrat 2026: आज भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। यह व्रत शिव भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसे करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, इसलिए इसे माघ मास का अंतिम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है।
इस वर्ष यह व्रत शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, जिसे विशेष रूप से शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार प्रदोष व्रत का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से विवाह, धन, सेहत और जीवन में सफलता पाने के मार्ग में आने वाली बाधाओं का नाश होता है।
शुक्रवार प्रदोष व्रत की पूजा विधि
शिव और पार्वती की आराधना के लिए श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं। कुछ लोग केवल फलाहार करते हैं, जबकि कई लोग निर्जला व्रत रखते हैं। शाम के समय प्रदोष काल में पूजा का आयोजन किया जाता है।
पूजा की प्रारंभिक प्रक्रिया में सबसे पहले घृत और जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। इसके बाद शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, गंगाजल और बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं। श्रद्धालु इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं। इसके बाद माता पार्वती की भी विधिवत पूजा की जाती है।
पूजा में कपूर, धूप, दीप और फूल का प्रयोग किया जाता है। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए शिव और पार्वती से प्रार्थना करते हैं। इस दिन की विशेषता यह है कि पूजा करने के बाद व्रती सफेद वस्त्र धारण करके घर में बैठते हैं और अपने परिवार के लिए मंगलकामना करते हैं।
शुक्र प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त
शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ समय (मोहूर्त) शाम 5:59 बजे से लेकर रात 8:37 बजे तक है। इस अवधि में कुल 2 घंटे 38 मिनट का समय है, जिसमें पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस समय में पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
शुक्रवार प्रदोष व्रत के लाभ
शुक्र प्रदोष व्रत करने से जीवन में अनेक लाभ होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत से:
विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान होता है।
आर्थिक संकट और धन संबंधित अड़चनों का नाश होता है।
स्वास्थ्य में सुधार और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है।
जीवन में सफलता और उन्नति के मार्ग खुलते हैं।
इसके अलावा, व्रत के दौरान नौ विशेष उपाय किए जाने से देवी-देवताओं की कृपा और बढ़ती है। ये उपाय जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और मानसिक शांति पाने में मददगार होते हैं।
ये भी पढ़ें: पीटी ऊषा के पति वी श्रीनिवासन का हुआ निधन, PM मोदी ने फोन कर जताया दुख

