Ganapati Visarjan : इस साल गणपति विसर्जन शनिवार 6 सितंबर 2025, अनंत चतुर्दशी के मौके पर बप्पा अपने भक्तों से विदाई लेंगे। गणपति विसर्जन के लिए आप 1.5 दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या 10वें दिन कर सकते हैं। ज्यादातर लोग 10वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी के मौके पर ही करते हैं।
ज्यादातर लोग गणेश विसर्जन के महत्वपूर्ण नियमों को भूल जाते हैं, आप भी उनमें से एक न बनें, इसलिए आज हम आपको गणेश विसर्जन से जुड़े कुछ खास नियमों के बारे में बताएंगे।
आरती में शामिल करें ये समाग्री
बप्पा की विदाई के वक्त उनकी पूजा अर्चना और आरती की जाती है। इसलिए पूजा से जुड़ी समाग्री फल, फूल, सुपारी, चावल, हल्दी, 21 दूर्वा, कुमकुम और मिठाई से बप्पा को विदा करें।
लाल कपड़े से जुड़ा अनुष्ठान
एक नारियल या सुपारी को हल्दी, चावल के साथ लाल कपड़े में लपेटकर ऋद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के लिए अपनी तिजोरी में एक जगह सुरक्षित रख दें।
गणेश विसर्जन के दौरान बप्पा को 5 मोदक चढ़ाएं और इसे सभी भक्तों में बांटें।
पर्यावरण के अनुकूल ही विसर्जन करें
घर में ही साफ बर्तन या बाल्टी में पानी भरकर पर्यावरण के अनुकूल ही विसर्जन करें तो ज्यादा अच्छा है। बाद में इस पानी को किसी पेड़ के नीचे या पौधों में डाल दें।
जानें गणेश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त
सुबह का मुहूर्त- सुबह 7 बजकर 36 मिनट से लेकर 9 बजकर 10 मिनट तक
दोपहर मुहूर्त (चरा, लाभ, अमृतकाल) 12 बजकर 19 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 2 मिनट तक
शाम का मुहूर्त लाभ- शाम 6 बजकर 37 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 2 मिनट तक
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