Pradosh Vrat 2026: मार्च 2026 की शुरुआत के साथ ही फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि आ गई है। इस अवसर पर हिन्दू धर्म के अनुसार आज प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है और इसे विशेष रूप से भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए किया जाता है। आज रविवार होने के कारण यह रवि प्रदोष व्रत कहलाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी व्यक्ति नियमित रूप से प्रदोष व्रत रखकर शिव जी की पूजा करता है, उसके जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सभी मनोरथों की पूर्ति होती है। व्रत के दौरान विशेष रूप से प्रदोष काल में शिवलिंग का पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त
आज का प्रदोष व्रत शाम 6:21 बजे से 7:08 बजे तक रहेगा। इस समय के दौरान भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करने से अधिक फलदायक माना जाता है।
रवि प्रदोष व्रत पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्वच्छता का ध्यान दें और स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
ध्यान और भक्ति के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें।
प्रदोष काल में शिवलिंग का पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करें।
इसके बाद बिल्व पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, भोग, पान, सुपारी, लौंग और इलायची अर्पित करें।
रवि प्रदोष व्रत की कथा का पाठ करें और शिव मंत्रों का जाप करें।
पूजा का समापन आरती से करें।
रात में जागरण करना और भजन-कीर्तन करना भी शुभ माना जाता है।
प्रदोष व्रत रखने से न केवल शिवजी की कृपा मिलती है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति भी बनी रहती है।
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