Phalgun Month 2026: आज 2 जनवरी से फाल्गुन मास का आरंभ हो गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह वर्ष का अंतिम महीना होता है, जिसे आत्मशुद्धि, पुराने दोषों के प्रायश्चित और नए संकल्पों की शुरुआत का विशेष समय माना जाता है। ऋतु परिवर्तन के संकेत भी इसी महीने से मिलने लगते हैं। फाल्गुन मास भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहार इसी माह पड़ते हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि फाल्गुन में किए गए शुभ कर्मों का फल कई गुना होकर प्राप्त होता है।
फाल्गुन मास में दान-पुण्य का महत्व
धार्मिक दृष्टि से फाल्गुन मास को दान और सेवा के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दौरान जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन में किया गया दान जीवन में सुख-शांति लाता है और कई प्रकार की परेशानियों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।
फाल्गुन मास में किन बातों से करें परहेज
फाल्गुन मास को पवित्र और सात्त्विक जीवन जीने का समय कहा गया है। इस अवधि में मांसाहार, शराब, प्याज और लहसुन जैसी तामसिक वस्तुओं से दूरी बनाए रखना उचित माना जाता है। क्रोध, द्वेष और नकारात्मक विचारों से बचने की भी सलाह दी जाती है। किसी का अपमान करने या बुरा सोचने से बचें, क्योंकि मान्यता है कि इस महीने किए गए गलत कर्म पुण्य को कम कर सकते हैं। इसलिए संयम और सदाचार का विशेष महत्व होता है।
फाल्गुन मास में अवश्य करें ये शुभ कार्य
फाल्गुन मास में भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष फल देने वाली मानी जाती है। प्रतिदिन स्नान के बाद भगवान शिव का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करना शुभ माना गया है। महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जप मानसिक शांति प्रदान करता है। इसके साथ ही चंद्र देव की आराधना का भी खास महत्व है, जिससे मन का संतुलन बना रहता है और तनाव कम होता है। पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए तर्पण और दान करना भी लाभकारी माना गया है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
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