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Navratri 2026: 50 मिनट का शुभ मुहूर्त… चूक गए तो रह जाएगा अधूरा फल, जानें कलश स्थापना का सही समय और विधि

Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार यानि आज से हो चुकी है और इसके साथ ही घर-घर में देवी उपासना का पावन पर्व आरंभ होगा। नवरात्रि का पहला दिन बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) कर पूरे 9 दिनों की पूजा का संकल्प लिया जाता है। मान्यता है कि सही मुहूर्त में विधि-विधान से किया गया कलश स्थापना शुभ फल और समृद्धि प्रदान करता है।

क्या है कलश स्थापना का महत्व?

हिंदू धर्म में कलश को सृष्टि और ब्रह्मांड का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इसमें सभी देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना से करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार

शुभ समय: सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक

अवधि: लगभग 50 मिनट

प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 19 मार्च 2026, सुबह 06:52 बजे

प्रतिपदा तिथि समाप्त: 20 मार्च 2026, सुबह 04:52 बजे

इसी समय में कलश स्थापना करना सबसे उत्तम माना गया है।

पहले दिन किस देवी की पूजा?

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें शक्ति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्रि पूजा विधि (पहला दिन)

• सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर के मंदिर की सफाई करें
• गंगाजल से माता का अभिषेक करें
• अक्षत, लाल चंदन, चुनरी और लाल फूल अर्पित करें
• प्रसाद में पूरी, चना और हलवा/खीर चढ़ाएं
• घी का दीपक और धूप जलाएं
• दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें
• कपूर से आरती करें और अंत में क्षमा प्रार्थना करें

किन बातों का रखें ध्यान?

• कलश स्थापना विधि-विधान से ही करें
• अखंड ज्योति जलाना शुभ माना जाता है
• व्रत के दौरान सात्विक भोजन का पालन करें
• नियमित रूप से पूजा और ध्यान करें

चैत्र नवरात्रि का पहला दिन आपके पूरे साल की ऊर्जा और सकारात्मकता तय कर सकता है। सही मुहूर्त में की गई पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि ला सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। सटीक और विस्तृत जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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